“ऐसा कैसे होता है कि बटन दबाया जाए निर्दलीय का और वोट जाए भाजपा को”

नई दिल्ली-EVM धांधली का मुद्दा एक बार फिर आम आदमी पार्टी ने उठाया है,पार्टी विधायक सौरभ भारद्वाज ने सोसल नेटवर्किंग साइट्स ट्विटर पर एक के बाद एक कई टवीट किये.

सौरभ भारद्वाज ने पूछा,एक निर्दलीय उम्मीदवार को दबाने वाले बटन से भाजपा को कैसे वोट पड़ रहा था जबकि EVM तकनीकी रूप से दक्ष है.
सौरभ भारद्वाज ने एक टवीट में पूछा-भिंड ,राजस्थान के धौलपुर,मध्य प्रदेश और अब मध्य प्रदेश सारी EVM गड़बड़ी में वोट सिर्फ सत्ताधारी भाजपा के पक्ष में जाता है ऐसा कैसे हो सकता है?

उन्होंने कहा की मशहूर आरटीआई कार्यकर्त्ता अनिल गलगली को सुचना अधिकार के तहत जिलाधिकारी ने बुलढाना जिले में हाल ही में हुए परिषदीय चुनाव के दौरान लोणार के सुल्तानपुर गांव में मतदान के दौरान ईवीएम कि गड़बड़ी कि पुष्ठी की है और वहां निर्दलीय का वोट भाजपा के पक्ष में जा रहा था.
वही सौरभ भारद्वाज ने भक्तो कि गाली गलौच पर भी तंज़ मारा और कहा ये उनकी जानकारी नही बल्कि सुचना के अधिकार तहत मिली है.

जानिए क्या है मामला..

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने बताया कि महाराष्ट्र के बुलढाना जिले में हाल ही में हुए परिषदीय चुनाव के दौरान लोणार के सुल्तानपुर गांव में मतदान के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ की बात सामने आई.

गलगली ने कहा, “मतदाता जब भी एक प्रत्याशी को आवंटित चुनाव चिह्न नारियल का बटन दबाते तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव चिह्न कमल के सामने वाला एलईडी बल्ब जल उठता. निर्वाचन अधिकारी ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी, जिसका खुलासा आरटीआई से मिली जानकारी में हुआ.”
इलाके की एक निर्दलीय प्रत्याशी आशा अरुण जोरे ने 16 फरवरी को हुए मतदान के दौरान आई इस गड़बड़ी की शिकायत की थी और निर्वाचन अधिकारी से मामले की जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा था, जिसके बाद गलगली ने 16 जून को आरटीआई दाखिल की.
गलगली ने बताया, “बुलढाना के जिला निर्वाचन विभाग से आरटीआई के तहत मिली सूचना में बताया गया है कि लोणार कस्बे के सुल्तानपुर गांव में स्थापित किए गए मतदान केंद्र संख्या-56 पर मतदाता ने जब क्रम संख्या-1 पर मौजूद निर्दलीय प्रत्याशी के चुनाव चिह्न नारियल का बटन दबाया, तो क्रम संख्या-चार पर भाजपा प्रत्याशी के चुनाव चिह्न के सामने वाली बत्ती जली, जिससे कि मत भाजपा प्रत्याशी को चला गया.”

चौंकाने वाली बात यह है कि जब आशा अरुण ने मतदान वाले दिन ही सुबह 10.0 बजे इसकी शिकायत की तो मतदान केंद्र पर नियुक्त निर्वाचन अधिकारी ने इसका संज्ञान लेने से ही इंकार कर दिया.
उन्होंने बताया कि, लेकिन जब कई मतदाताओं ने ऐसी ही शिकायत की तब जाकर निर्वाचन अधिकारी ने अपराह्न 1.30 बजे इसका संज्ञान लिया और कार्रवाई करने से पहले सभी राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंट से सहमति ली.
शिकायतों की जांच के बाद निर्वाचन अधिकारी मानिकराव बाजद ने शिकायत सही पाई, जिसकी मतदान केंद्र के निर्वाचन प्रभारी रामनारायण सावंत ने पुष्टि की. रामनारायण ने ही लोणार के निर्वाचन अधिकारी को मामले की सूचना दी.
लोणार के निर्वाचन अधिकारी के सहायक इसके बाद खुद मतदान केंद्र पहुंचे और शिकायत को सत्य पाया कि एक खास प्रत्याशी के चुनाव चिह्न वाला बटन दबाने पर मत भाजपा प्रत्याशी को जा रहा था.

निर्वाचन क्षेत्र से कई निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी के पास शिकायत करने के बाद उस मतदान केंद्र पर मतदान रद्द कर दिया गया, मतदान केंद्र को बंद कर दिया गया, गड़बड़ ईवीएम मशीन को सील कर दिया गया और अतिरिक्त विकल्प के तौर पर रखी गई ईवीएम मशीन को लगाया गया.
लेकिन जब कई राजनीतिक दलों ने फिर से मतदान कराए जाने की मांग उठाई तो मतदान पूरी तरह रद्द कर पांच दिन बाद 21 फरवरी को पुनर्मतदान करवाया गया.
गलगली ने कहा, “इस मामले से साबित हो गया कि ईवीएम में छेड़छाड़ संभव है। एक मतदाता ने पहली बार इस ओर ध्यान दिलाया, जिसके बाद कई मतदाताओं ने इसकी पुष्टि की तथा निर्वाचन अधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शिकायत का सत्यापन कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी.”
गलगली ने कहा कि इस पर भी सबसे चौंकाने वाली बात है कि निर्वाचन आयोग लगातार ईवीएम में छेड़छाड़ की संभावना को नकारता रहा है और यहां तक कि राजनीतिक दलों को ईवीएम से छेड़छाड़ की चुनौती भी दी.

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