लखनऊ: छात्रों के ज़बरदस्त विरोध के बाद LU हॉस्टल की बढ़ी हुई फ़ीस वापिस हुई

July 22, 2017 by No Comments

लखनऊ: आज का दिन लखनऊ विश्विद्यालय में काफ़ी उथल पुथल का रहा. लगभग सभी छात्र संघठनों ने लखनऊ विश्वविद्यालय के हॉस्टल की बढ़ी हुई फ़ीस को लेकर विरोध किया. विरोध करने वाले संघठनों में समाजवादी छात्रसभा, ABVP, NSUI मुख्य रहे. LU-VC ने छात्रों से वार्ता करने की बात कही और जब बातचीत हुई तो वो फ़ीस के बढाने को लेकर अपना पक्ष देने लगे. हालाँकि छात्रों के दबाव के बाद प्रशासन ने बढ़ी हुई फ़ीस को वापिस ले लिया है.

समाजवादी छात्रसभा के अंकित सिंह बाबू ने हमें बताया कि जब हम VC एसपी सिंह से सर्वदलीय मीटिंग कर रहे थे तो वो उलूल ज़ुलूल उदाहरण दे रहे थे. उन्होंने बताया कि कुलपति ने कहा कि जिस प्रकार आरटीओ ऑफिस में मनपसंद नंबर के लिए बोलियां लगती हैं उसी प्रकार यदि कोई बढ़ी हुई फीस वाला हॉस्टल लेना चाहता हो तो उसे लेने दीजिए आपको क्या दिक्कत है. अंकित सिंह ने बताया कि इस तरह के कुतर्क सुनकर उन्होंने मीटिंग का बायकाट कर दिया. अंकित ने इसके बाद कहा कि हम आन्दोलन करने जा रहे हैं.

सर्वदलीय मीटिंग के ख़त्म होते होते ही गेट नंबर एक पर छात्रों ने उपद्रव मचाना शुरू कर दिया. उग्र होते आन्दोलन को देख प्रशासन ने तुरंत ही बढी हुई फ़ीस वापिस ले ली. बढ़ी हुई फ़ीस वापिस लिए जाने के बाद छात्र नेता ज्योति राय ने कहा कि ये छात्रों के संघर्ष की जीत है. पूजा शुक्ला ने फेसबुक के ज़रिये कहा,”लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों की जीत हुई”|

पूरे दिन हुआ प्रोटेस्ट

लखनऊ विश्विद्यालय के हॉस्टल में 6 गुना से अधिक फ़ीस बढाए जाने के बाद अलग अलग छात्र संघठनों ने आज पूरे दिन कैंपस में प्रोटेस्ट जारी रखा. एनएसयूआई के मीडिया प्रभारी रोहित कश्यप ने बताया कि एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष श्री मयंक तिवारी के निर्देश पर विश्वविद्यालय कैम्पस में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन कर छात्रों की समस्याओं को दूर किये जाने हेतु आवाज बुलन्द की गयी। श्री कश्यप ने बताया कि इस मौके पर श्री मयंक तिवारी ने कहा कि प्रदेश व केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार है, भाजपा सरकार एक तरफ छात्रों के उत्पीड़न पर उतारू है वहीं उसके छात्र संगठन एबीवीपी द्वारा छात्रों केा गुमराह करने के लिए धरना-प्रदर्शन का नाटक कर रही है, जिसका पर्दाफाश एनएसयूआई द्वारा करते हुए छात्रों के हितों के विरूद्ध विश्वविद्यालय प्रशासन एवं भाजपा सरकार द्वारा उठाये जा रहे तुगलकी फरमान के खिलाफ एनएसयूआई छात्रों के हितों के लिए संघर्ष करेगी। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि प्रमुख रूप से प्रदेश कांग्रेस के सचिव श्री विक्रम पाण्डेय, श्री प्रशान्त तिवारी, श्री हिमांशु शर्मा, श्री सचिन कुमार, श्री गुरूदीप प्रकाश, श्री पंकज यादव, श्री दीप सिंह, श्री राहुल प्रियदर्शी, श्री गौरव त्रिपाठी, श्री राहुल आनन्द, श्री जुनैद अहमद खान, श्री अभिलाष सिंह, श्री कर्मवीर सिंह, सुश्री वन्दना सिंह, सुश्री खुशबू गौतम, श्री विवेक वर्मा, श्री आकाश शर्मा, मो0 दाउद, श्री कमलेश यादव आदि सैंकड़ों की संख्या में एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भारतीय जनता पार्टी की यूथ विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने भी गेट नंबर एक पर धरना दिया.उनके ही बग़ल में समाजवादी छात्रसभा के नेताओं ने भी धरना दिया और नारेबाज़ी की. इस दौरान हमने कई छात्रों और छात्र नेताओं से बात की. समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल यादव मास्टर ने कहा कि छात्रों के ख़िलाफ़ ये फ़ैसला कुलपति का नहीं बल्कि राजभवन और मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया है. उन्होंने कहा कि आरएसएस की विचारधारा ही किसान और ग़रीब विरोधी है और ये उन्हें कुचलने का प्रयास है.इसलिए हम सरकार से जान की बाज़ी लगाकर लड़ेंगे.महेंद्र यादव ने कहा,”हम समाजवादी लोग हमेशा की तरह छात्रों के मुद्दे पर लड़ रहे हैं और यदि जरूरत पड़ी तो हम लोग उग्र आंदोलन के लिए भी तैयार हैं”। माधुर्य सिंह मधुर ने हमसे कहा कि वीसी साहब को बताना चाहुंगा कि इस लखनऊ विश्वविधालय की डेली गेसियो में गरीब किसान मजदूर का बच्चा पढने आता है न कि नीली और लाल बत्ती में चलने वाले लोगो के बच्चे पढने आते है और मै आपको यह भी बताना चाहूँगा हम अपना हक आपसे मनवाएंगे नही आपकी आखो में आखो में डालकर अपना हक छीन लेंगे|

AISA के नितिन राज ने कहा कि नए पाट्यक्रम की पुस्तकें पुस्तकालय में नहीं हैं जबकि हिन्दवी स्वराज जैसा कार्यक्रम 25 लाख रूपये ख़र्च करके करवाया जाता है. हरिभान यादव ने कहा कि लखनऊ विश्विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी है परन्तु हॉस्टल और ट्यूशन फ़ीस लगातार बढ़ रही है जो गंभीर विषय है| लखनऊ विश्विद्यालय के छात्र सौरभ सिंह ने भी कहा कि फ़ीस कम होनी चाहिए|

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