संसद भवन और राष्ट्रपति भवन भी गुलामी की निशानी हैं, इन्हे भी मिटा दीजिये: आजम खान

October 17, 2017 by No Comments

आगरा: यूपी सरकार के टूरिज्म विभाग ने पर्यटन की लिस्ट से आगरा के ताजमहल का नाम गायब कर दिया गया है। जिसपर बयान देकर बीजेपी विधायक संगीत सोम ने विवाद खड़ा कर दिया।

संगीत सोम ने मुगल कालीन शासकों के इतिहास को देश के लिए कलंक बताते हुए कहा था कि इतिहास से मुगलकालीन शासकों को निकालकर अब यूपी में हिंदुओं के इतिहास को दर्शाया और पढ़ाया जाएगा।

बीजेपी विधायक संगीत सोम के ताजमहल पर दिए बयान के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान ने तंज भरी प्रतिक्रिया दी है। आज़म खान ने कहा कि वो संगीत सोम की बात का जवाब नहीं दे रहे हैं। इस पर मोदी और योगी जी फैसला करेंगे। लेकिन मैं पहले से ये राय रखता हूं कि गुलामी की उन तमाम निशानियों को मिटा देना चाहिए जिनसे कल के शासकों की बू आती हो।

लेकिन अकेले ताजमहल ही क्यों? संसद, राष्ट्रपति भवन, कुतुब मीनार, लाल किला क्यों नहीं? ये सब भी गुलामी की निशानी है।’
आरएसएस पर निशाना साधते हुए आजम खान ने कहा, ‘जाहिर है, जिन्हें संघ के लोग गद्दार कहते हैं, अगर ये गद्दार हैं, तो इन सभी निशानियों को बर्बाद कर देना चाहिए।

आपको बता दें की सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को शांत करने के लिए 26 अक्तूबर को आगरा फोर्ट और ताजमहल जाने की तैयारी की हैं। सीएम योगी इस महीने की 26 तारीख को ताज महल और आगरा फोर्ट का परीक्षण करेंगे और इस विवाद को खत्म करने की कोशिश करेंगे।

पिछले दिनों यूपी सरकार ने वर्ल्ड बैंक की सहायता से ताज महल और उसके आस पास विकास के कई प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। जिनके जरिए योगी सरकार आगरा का विकास करने के दावे कर रही है।

इस कॉरीडोर में शॉपिंग कॉमप्लेक्स, टूरिस्ट कॉमप्लेक्स, एम्यूजमेंट पार्क और रेस्त्रां बनाए जाएंगे। हैरानीजनक बात है कि ताजमहल जैसी विरासत को बीजेपी नेता ग़ुलामी का प्रतीक बता रहे हैं। लेकिन देश के प्रधानमंत्री का मोदी का कहना है कि वो देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता है, जो अपनी विरासतों को भूल जाता है।

#TajMahal is one of the wonders of the world, to drag it into controversies is not correct: UP Governor Ram Naik

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