जब 2000/- के नोट में “नैनो चिप” को डीएक्टिवेट करने के लिए बनने लगे youtube वीडियो…

नई दिल्ली: पिछले साल 8 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस समय चल रहे 500 और 1000 के नोटों को बंद करने का एलान कर दिया. इसके बाद रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने ये घोषणा की कि सरकार 500 और 2000 के नए नोट लाने जा रही है जो 10 नवम्बर से लोगों को मिलने शुरू हो जायेंगे. जब सरकार ने नोटबंदी की घोषणा की थी तो ये बात हुई थी कि बड़े नोटों को बंद करने का कारण यही है कि लोग अपना काला धन बड़े नोट में रखते हैं लेकिन कुछ ही घंटों में जब रिज़र्व बैंक ने 2000 के नोट की घोषणा कर दी तो लोगों को समझ नहीं आया कि ये क्यूँ किया गया है.

बहरहाल इसको लेकर कुछ मीडिया हाउसेस ने एक थ्योरी बनायी. वो थ्योरी ये थी कि 2000 के नोट में एक नैनो चिप लगी है. अब इस नैनो चिप के बारे में बताया गया कि ये इसलिए लगी है कि कोई भी कहीं अपना धन छुपा के रखेगा तो सरकार पकड़ लेगी. इतना ही नहीं एक बड़े मीडिया चैनल ने तो इस पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट दिखा दी और कहा कि ये काला धन पकड़ने के लिए बहुत शानदार प्रयास है. कुछ ही समय में इसको लेकर लोग ये भी कहने लगे कि अगर ऐसी कोई चिप लगी है तो ये तो सरकार द्वारा आम लोगों की जासूसी करना हो गया. मामले ने तूल पकड़ा तो रिज़र्व बैंक ने इस पर सफ़ाई दी और कहा कि ऐसी कोई चिप लगी ही नहीं है और इस तरह की अफवाहों से लोग बचें. अब इसके बाद उन सभी मीडिया हाउस की बड़ी किरकिरी हुई.

वैसे हद तो ये भी रही कि नैनो चिप की थ्योरी पर लोगों ने youtube पर तमाम वीडियो भी डाल दिए. ये वीडियो इस बात पर फोकस करते थे कि नैनो चिप को कैसे डीएक्टिवेट किया जाए.इतना ही नहीं कुछ वीडियोस में तो ये भी बताया जाने लगा कि 2000 के नोट से मोबाइल फ़ोन को चार्ज किया जा सकता है.भाजपा का समर्थन करने वाले लोगों के लिए भी इसमें मुसीबत रही. जहां पहले उन्होंने नैनो चिप का बचाव किया तो बाद में उन्हें उसी के ख़िलाफ़ बोलना पड़ा.

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