मिस्र के पहले लोकतान्त्रिक राष्ट्रपति को हुई 3 साल की सज़ा

December 30, 2017 by No Comments

मिस्र के पहले लोकतान्त्रिक राष्ट्रपति रहे मुहम्मद मोरसी को आज तीन साल की सज़ा सुनायी गयी. उनके अलावा 19 और लोगों को अदालत का अपमान करने के इलज़ाम में सज़ा सुनायी गयी है. कैरो क्रिमिनल कोर्ट ने मोरसी को उनके पब्लिक स्पीच में ‘नफ़रत फैलाने’ के इलज़ाम का दोषी पाया. इस केस में 25 लोगों को सज़ा सुनायी गयी है जिसमें से 5 पर 30 हज़ार मिसरी पौंड का जुर्माना लगाया गया है. इसमें से एक अब्देल फ़तेह 2013 में “अवैध” विरोध प्रदर्शन करने की वजह से 5 साल की सज़ा काट रहे हैं. इन 5 में अब्देल फ़तेह के अलावा अम्र हम्ज़वी भी शामिल हैं.

इन सभी लोगों पर जुडीशियरी का अपमान करने का आरोप लगा है. अदालत ने मोरसी पर 10 लाख मिस्री पौंड का जुर्माना भी लगाया है. इसके अलावा उन्हें 10 लाख मिस्री पौंड जजेस क्लब को भी देने होंगे. अदालत के इस आदेश के ख़िलाफ़ अपील की जा सकती है. होस्नी मुबारक के तख़्ता पलट हो जाने के बाद मुहम्मद मोरसी ने राष्ट्रपति चुनाव जीता था और पहली बार मिस्र को लोकतान्त्रिक सरकार मिली थी.

2013 में मुहम्मद मोरसी जब राष्ट्रपति थे तो उन्होंने एक टेलीविज़न स्पीच में जजों के ऊपर आरोप लगाया था कि वो पिछले चुनावों में फ्रॉड को इग्नोर करते रहे. 2013 के मध्य में मिस्र की सेना ने तख़्ता पलट कर दिया और राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल सिस्सी बन गए. होस्नी मुबारक के सत्ता से बेदख़ल हो जाने के बाद मिस्र के लोगों ने उम्मीद की थी कि देश में लोकतंत्र क़ायम होगा लेकिन सिस्सी के तख़्ता पलट ने लोकतंत्र को बुरी तरह धक्का दिया है.

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