सीरिया में “ख़ून की नदी” देख बोले मुहम्मद कैफ़-‘किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ना क्यूँकि ये लन्दन या पेरिस नहीं है’

February 27, 2018 by No Comments

सीरिया में चल रहा गृह युद्ध ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है. साल 2011 से शुरू हुआ गृह युद्ध सीरिया की बड़ी आबादी को ख़त्म कर चुका है लेकिन अभी तक ख़ून का बहना बंद नहीं हुआ है. सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार पर इलज़ाम लग रहा है कि वो नागरिक इलाक़ों में बमबारी कर रही है. विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाक़े में सीरिया की फ़ौज ने भारी बमबारी की है, इस बमबारी की वजह से पिछले एक हफ़्ते में 500 लोग मारे जा चुके हैं जिसमें बड़ी तादाद बच्चों की है.

ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जबकि सीरिया में इस बुरी तरह से बच्चों का ख़ून बहाया जा रहा है, वैश्विक कम्युनिटी ख़ामोश क्यूँ है. इसी को लेकर सोशल मीडिया में एक बहस सी शुरू हो गयी है. पूर्व भारतीय क्रिकेटर मुहम्मद कैफ़ ने भी वैश्विक समाज के दोहरे मापदंड पर सवाल खड़े किये हैं. उन्होंने एक ट्वीट के ज़रिये इस बारे में टिपण्णी की है.

साथ ही उन्होंने एक फ़ोटो भी साझा किया है जिसमें सड़क पर ख़ून नज़र आ रहा है. इस बारे में ट्वीट करते हुए वो कहते हैं,” ये है सीरिया में ख़ून की नदी. लेकिन इससे किसी को कोई फ़र्क़ नहीं पडेगा क्यूँकि ये लन्दन या पेरिस नहीं है, मासूम बच्चों के मारे जाने पर टूटा हुआ महसूस कर रहा हूँ.”कैफ़ इस ट्वीट में आगे कहते हैं कि एक बच्चे को कहते सुना है कि मैं मौत का इंतज़ार नहीं कर सकता क्यूँकि हमारे लिए भोजन है”

गौरतलब है कि सीरिया की सरकार को रूस का समर्थन प्राप्त है जबकि विद्रोही ग्रुप को अमरीका, तुर्की जैसे देशों का समर्थन हासिल है. सीरिया की सरकार विद्रोहियों के इलाक़े पर ज़बरदस्त बमबारी कर रही है. फ्रांस और जर्मनी जैसे देश युद्धविराम की कोशिश में लगे हैं.

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