750 किलो प्याज़ के मिले 1064 रुपए, नाराज़ किसान ने PMO को भेजी रक़म

महाराष्ट्र : आपको याद होगा आप को स्कूल में पढ़ाया जाता था कि भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। भारत के अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है। कहा जाता है कि अगर किसान ख़ुशहाल होगा तो देश भी ख़ुशहाल होगा,क्योंकि भारत की बड़ी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है। लेकिन किसानों का दयनीय स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है।आए दिन किसानों की आत्महत्या की ख़बरें सामने आती रहती हैं, जिसका कारण है सरकारों द्वारा किसानों की उपेक्षा।

ऐसी ही उपेक्षा का मामला सामने आया है नासिक से। यहाँ प्याज की खेती करने वाले एक किसान ने 750 किलोग्राम प्याज सिर्फ 1064 रुपये में बेच दी ।साथ ही अपनी यह कमाई प्रधानमंत्री को भेज दी। ऐसा उसनें अपना विरोध दर्ज कराने के लिए किया है। बताया जा रहा है इस किसान ने अपनी उपज एक रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित मूल्य से कुछ अधिक की दर पर बेची है। यह किसान हैं नासिक जिले के निफाड तहसील के निवासी संजय साठे ।संजय साठे के अनुसार उन्होंने चार महीने मेहनत करके 750 किलोग्राम प्याज उपजाई थी। लेकिन गत सप्ताह निफाड थोक बाजार में एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से ख़रीद की पेशकश की गई।

बाद में 1.40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से सौदा तय हुआ और उन्हें 750 किलोग्राम के लिए 1064 रुपये मिले। इस पूरे घटनाक्रम से दुखी होकर संजय ने 1064 रुपये पीएमओ के आपदा राहत कोष में दान कर दिए।उन्होंने यह राशि मनीआर्डर से भेजी ,जिसके लिए उन्हें 54 रुपये अलग से देने पड़े। यह मनी ऑडर 29 नवंबर को ,‘नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री’ के नाम प्रेषित किया गया है। आपको बता दें 2010 में तत्कालीन अमेरिका के राष्ट्रपति बॉराक औबामा के भारत आने पर केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कुछ किसानों से उनकी बात कराई थी। संजय साठे भी उन किसानो मे शामिल थे। ओबामा से संवाद के बारे में साठे का कहना है कि उन्हें आकाशवाणी के स्थानीय रेडियो स्टेशनों पर कृषि के बारे में अपने प्रयोगों के बारे में बताने के लिए आमंत्रित किया जाता था इससे प्रभावित होकर कृषि मंत्रालय ने मुम्बई सेंट जेवियर्स कालेज में स्थापित एक स्टाल के लिए उनका चयन किया जहाँ उन्होंने ओबामा से ट्रांसलेटर की मदद से कुछ देर बात की थी।

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