लघुकथा: चीख

January 18, 2018 by No Comments

आ गईं तुम, जल्दी से अंदर आ जाओ। भारती मैं बहुत परेशान हूँ, अब क्या होगा ?
भारती: अब पागल मत बनो, तब दिमाग़ कहाँ था, जब होटल में उससे मिलने गई थी ? मैंने तुम्हें पहले ही समझाया था, कि जितना शरीफ़ वो तुम्हारे आगे बनता है, उतना है नहीं।
काजल: रो-रो कर मेरी सांस उखड़ रही है, और तुम मुझे और डांट रही हो। उस वक़्त दिमाग़ से कहाँ सोचा था, उससे प्यार करती थी। उसके प्यार में मुझे उससे इतनी अटैचमेंट हो गई कि मैंने उस पर विश्वास कर लिया, और तुम मेरी जगह होतीं तो क्या करती ?

भारती ने काजल को चुप कराया… अच्छा वीडियो कहाँ है?
काजल ने भारती को मोबाइल में वीडियो दिखाया, जिसे देखकर भारती स्तब्ध रह गई और बोली…
ये क्या कर दिया तुमने ? आँखें बंद करके भरोसा कर लिया उसपर और वो भी 3 महीने के कैजुअल अफेयर में…

काजल ने गुस्से से भरी आवाज़ में रोते हुए कहा, भारती मैंने तुमसे कहा न, मैं उससे प्यार करती थी।
कमरे में कुछ देर तक सन्नाटा छाया रहा.
भारती: अच्छा अब सुनो मेरी बात.. मुझे ये बताओ की वो कौन सा होटल था ?
कुछ देर तक सोचने के बाद काजल सहमी से आवाज़ में बोली,”मुझे तो याद नहीं, कमरा विकास ने ही बुक करवाया था।”
भारती डांटते हुए काजल से बोली,
“तो तुम क्या अंधी हो गई थी ? नाम भी नहीं पढ़ा ?”
काजल की आँखों में रुके हुए आंसू फिर से बहने शुरू हो गए। मगर अचानक उसे कुछ याद आया.. झट से आंसू पोछते हुए बोली: वो जो लक्कड़ बाज़ार के पास बड़ा सा टीवी, फ्रिज का शोरूम है न.. उसके पास है..
भारती ने कहा कि वो उस होटल में जाकर उनसे पूछे कि आपके होटल में ये सब होता है, कैमरे लगवाकर लोगों की वीडियो बनवाते हैं ?
भारती के मन में काजल के साथ हुए धोके के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की भावना जाग गई थी..
उसने काजल को कहा, अब तुम चिंता मत करो, हम कुछ करते हैं.. मैं कल आती हूँ तुम्हारे पास, और तुम तैयार रहना। उसी होटल में चलना है..

जैसे ही वो अपना पर्स उठाने के लिए पलटती है तो पीछे काजल की मम्मी पानी का गिलास की ट्रे लिए कमरे के अंदर खड़ी थीं। काजल को याद आता है कि वो कमरे की जल्दबाज़ी में कमरे की कुण्डी लगाना भूल गई थी।

माँ के चेहरे की शिकन देखकर काजल समझ गई कि माँ सब जान चुकी है..
माँ काजल के चेहरे की तरफ देख टिकटिकी लगाए देख रही थी। मूंह से सवाल पूछने की जगह आँखों से पूछ रही हो..
इस कश्मकश में भारती ने अपना पर्स बेड पर फिर से रख दिया और उठकर उनके हाथ से पानी की ट्रे को पकड़ कर उन्हें बेड पर बिठाया।

कमरे में माहौल ऐसा था कि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे.. कुछ देर बाद माँ की चुप्पी टूटी और हड़बड़ाहट में उसने कहा: अभी जाकर तुम्हारे पापा को सब बताना पड़ेगा।
तुमने तो हमारी इज़्ज़त को लुटाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। अरे लानत है मेरी परवरिश पर, जो तुम्हें इतना न सिखा पाई कि शादी से पहले ये सब…

अरे तुम्हे कॉलेज भेजा था हमने। पूरे मुह्हले में तुम और तुम्हारी बहन हैं, जिन्हे इतनी आज़ादी मिल रखी है। इतने में भारती उन्हें शांत कराने के लिए उनके हाथ में पानी का गिलास देती है।
भारती: आंटी आप चिंता मत कीजिये, मैं कुछ करती हूँ.. लेकिन अंकल को अभी कुछ मत बताईये बेकार बात बढ़ जायेगी।
माँ: अरे पागल हो गई हो तुम क्या ? तुम क्या कर लोगी…. तुम तो सब जानती थीं… तुम ही हमें बता देतीं कि ये कॉलेज में ये सब कर रही है…
अरे इसके पापा को पता चल जाता तो टाँगे न तोड़ देते इसकी.. तुम से कुछ नहीं होगा… उन्हें सब बताना ही पड़ेगा.. माँ गुस्से और टेंशन में जाकर काजल के पिता के पास जाकर बैठ जाती है।
झल्लाते हुए उन्हें कहती है, अरे कानों में से ये हैडफ़ोन उतारिये और मेरी बात सुनिए महक के पापा। महक, काजल की बड़ी बहन है जो शहर के सरकारी अस्पताल में डेंटिस्ट है..

पिता: हैडफ़ोन कानों में निकालते हुए उन्होंने पूछा, क्या हो गया शारदा तुम्हे ?
माँ: वीडियो बन गया है काजल का.. लड़के के साथ होटल में गई थी..
दूसरी तरफ भारती काजल के पास बैठी उसे हिम्मत से काम लेने और अपने लिए फैसले पर बने रहने और अपने लिए लड़ने के लिए समझाती है।

भारती: काजल देखो ये सब तुमने अपनी मर्ज़ी से किया है, अब रोने का कोई फायदा नहीं, अब तुम्हे अपने फैसले के लिए खड़े रहना पड़ेगा।
काजल: सिसकते हुए.. लेकिन भारती ग़लती मेरी थी… मुझे अब भुगतना पड़ेगा।
भारती ने बीच में ही काजल की बात काटते हुए, “अरे मेरी बात सुनो”
काजल तुंमने सोच-समझ कर क़दम उठाया था न, हाँ तुमने प्यार किया था.. और उसने तुमने धोका दिया।

अब इसका ये मतलब नहीं कि तुम ख़ुद को कोसती रहो.. हम अक्सर समाज की दुहाई देकर खुद को ही बुरा मान लेते हैं। लेकिन तुम सोचो कि क्या उस वक़्त तुम्हें लगा था कि ये ग़लत है ?
सही, ग़लत सब हमारे मन की भावनाएं बताती हैं। लेकिन हम उस विकास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएँगे। इतने में कमरे में काजल के माँ और पापा आ जाते हैं।
पापा: रिपोर्ट दर्ज कराएंगी, देखो तो आज की लड़कियां, एक तो चोरी और ऊपर से सीनाजोरी।
इतनी बेशर्म हैं की बाप के सामने खड़ी होकर ऐसी कोर्ट- कचहरी की बातें करती हैं।
ये कटी हुई नाक की पूरे बाज़ार में सरेआम बोली लगायोगी क्या ?

लेकिन पापा… काजल अभी बोली ही थी की पापा ने उसे थप्पड़ जड़ दिया… और भारती को वहां से चले जाने के लिए कह दिया।
भारती ने काजल की तरफ देखा तो उन्होंने चिल्लाते हुए कहा, काजल की तरफ क्या देख रही हो ? सुना नहीं तुमने। जाओ यहाँ से।
काजल की माँ ने भी भारती को वहां से चले जाने का इशारा किया।

भारती अपना पर्स उठाकर कमरे में बाहर निकल जाती है। घर का मैन दरवाजा खोलती है तो बाहर महक दरवाजा खटखटाने ही वाली होती है..

महक कमरें में दौड़ी हुई जाती है। वहां का माहौल देख कर वो दरवाजे पर ही रुक जाती है। कमरे का माहौल ऐसा था कि माँ कमरे की दीवार से लगकर खड़ी है, काजल बेड पर आधी सी बैठी हुई थी।
महक को वहां देख कर उनके पापा कमरे से बाहर चले गए..
महक एक डॉक्टर है और परिवार में बहुत शांत स्भाव वाली एक आत्मविश्वास से भरी और आज़ाद सोच वाली लड़की है, जो हर शख़्स के विचारों की आज़ादी को बेहतर तरीके से समझती है। माँ-पापा द्वारा शादी के लिए दबाब बनाये जाने के बावजूद वह महक उनकी फ़िक्र को समझती है लेकिन इसके साथ वह अपने फैसले पर अटल रहती है। परिवार में 30 की उम्र में भी शादी न कर नौकरी करने वाली और घर की ज़िम्मेदारियों को उठाने वाली महक पहली लड़की थी।

पापा के कमरे से चले जाने के बाद महक माँ से पूछती है, पापा ऐसा क्यों कह रहे थे माँ ? क्या हुआ काजल को ? माँ साड़ी के पल्लू से अपने आंसू पोंछते हुए कहती है, तुम दोनों ने हमें तंग कर रखा है..
एक है कि ३० की उम्र में शादी करने का नाम नहीं ले रही और दूसरी ने तो हमारी इज़्ज़त को वीडियो बनवाकर…
कमरे में एक बार फिर सन्नाटा छा गया। थोड़ी देर बाद माँ ने महक को सारी बात बताई और समाज की दुहाई देकर कमरे से निकल गई।
काजल को लगा कि महक भी उसके ख़िलाफ़ होगी, क्यूंकि वो तो लड़कों को पसंद नहीं करती..
महक काजल के पास बेड पर जाकर बैठी और कहने लगी..
मैं जानती हूँ, तुम क्या सोच रही होगी। लेकिन देखो काजल, मेरी तरफ़ देखो।
उसने काजल से सबसे पहले कहा कि तुम्हारी कोई गलती नहीं।
तुम अपने मन में खुद के लिए बुरी भावना मत लाओ।
देखो अगर तुम ही खुद को बुरा समझोगी और कोसती रहोगी तो घरवाले और ये समाज वाले तुम्हे ताने मारने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।
सबसे ज़रूरी बात ये समझ लो की तुमने कोई पाप नहीं किया, जिसकी क़ुर्बानी तुम्हारी आज़ादी को देनी पड़े।

लेकिन हाँ, तुम्हे इंसानों को परखने की समझ सीखनी पड़ेगी। तुम्हे खुद को मजबूत बनाना पड़ेगा और जब तक मन में गिल्ट रखोगी तो और कमजोर होती जायोगी। और रही पापा और माँ की बात तो उन्हें मैं समझाती हूँ। महक ने मुस्कुराते हुए काजल के बालों में हाथ फेरते हुए उसे सहलाया।

प्रियंका शर्मा

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