“गोदी” मीडिया समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है: आप सांसद

October 30, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: आजकल के दौर में मीडिया अपनी डिबेट या अपने इस तरह के जो प्रोग्राम होते हैं जिसमें वह कई बार लोगों को बुलाते हैं और बातचीत करते हैं तो उसमें देखा गया है कि धार्मिक टकराव की स्थिति पैदा की जाती है । कई बार ऐसा होता है कि मीडिया जानबूझकर किसी भी मुद्दे को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश करता है चाहे वह मुद्दा विकास ही का क्यों ना हो, बेरोजगारी का, रोजगार का या किसी भी चीज का मुद्दा हो, एक मीडिया ऐसा है जो इसे कम्यूनिटी विशेष से जोड़ कर कर देखता है.।

दरअसल मीडिया पर आरोप लगते रहे हैं और मीडिया इस बारे में अपनी सफाई देता रहा है आज एक समाचार चैनल ने जब अपने चैनल पर डिबेट शुरू की जिसमे अयोध्या मुद्दे पर डिबेट होनी थी, उसमे इस तरह से थी कि कई नेताओं ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई उसमें से एक नेता आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस बारे में उस चैनल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “.@aajtak की हेडलाइन देखिए “हे राम तारीख़ पे तारीख़” 40-40 साल से हत्या, बलात्कार, आदिवासियों, दलितों की ज़मीन आदि के मामलों में करोड़ों लोगों को न्याय नही मिला लेकिन मीडिया को उनके लिये दर्द नही हुआ, चुनाव के लिये मीडिया भी मंदिर पर घड़ियाली आँसू बहा रहा”

https://twitter.com/SanjayAzadSln/status/1057160203404230656
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के इस ट्वीट के ऊपर कई लोगों ने कमेंट किया है जिसमे से बहुत से लोग उनके ट्वीट को समर्थन भी कर रहे हैं कुछ ऐसे भी हैं जो उनके ट्वीट को अच्छी तरह से नहीं देखते हैं लेकिन इसमें देखने की जरूरत यह है कि यह ट्वीट किस आधार पर रखा जा सकता है संजय सिंह ने जो बात कही है वह कोई भी सभ्य समाज का व्यक्ति कहना चाहेगा और हां यह जरूर है कि कई बार ऐसा भी होते हैं जहां पर वह गलत पाए जाते हैं या हमें लगता है कि ठीक नहीं है तो हम उनकी आलोचना भी करते है। लेकिन जो बात संजय सिंह कह रहे हैं वह बिल्कुल जायज़ है आज के दौर में देश का चौथा स्तंभ कहीं ना कहीं सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने और भड़काने का काम कर रहा है।

संजय सिंह के ट्वीट को समर्थन करते हुए प्रशांत गंगवार नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि ‘इन मीडिया वालों का कमीशन बराबर मिल रहा है क्या ज़रूरत है मूल समस्या को प्रसारित करके’ इसी में एक दूसरे यूजर ने लिखा है कि ” सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला अभी तक ऐसा नहीं आया जिससे इन न्यूज चैनलों पर होने वाली डिबेट पर लगाम लगाई जा सके । ये न्यूज चैनल सिर्फ और सिर्फ नफरत फैलाने का काम करते है, देश में आग लगाने का काम करते है”.

दरअसल ऐसे चैनलों को यही नहीं मालूम कि यह देश Unity In Diversity की बात करता है ‘विविधता में एकता की बात करता’ है जहां पर अलग-अलग जाति के लोग अलग-अलग धर्म के लोग अलग अलग क्षेत्र के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं उस देश का नाम हिंदुस्तान है और कुछ गोदी मीडिया जब ऐसे मुद्दे को ऐसे गंभीर मुद्दे को जब संप्रदायिक रंग देने लग जाए तो देश का माहौल समाज का माहौल खराब होना तय है।

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