दिल्ली के बाद हरियाणा में भी लहराएगा आम आदमी पार्टी का परचम?

November 15, 2018 by No Comments

हरियाणा: दिल्ली और पंजाब में पैर जमाने के बाद अरविंद केजरीवाल ने अब बेहद मजबूती के साथ हरियाणा का रुख किया है. हरियाणा में लगातार संगठनात्मक तरीके से बैठक करना सभाएं करना और सभाओं में मुख्यमंत्री खट्टर को लगातार बहुत मजबूती से गिरते हुए नजर आ रहे हैं अरविंद केजरीवाल। केजरीवाल ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हरियाणा के लोगों से हरियाणवी भाषा में फोन संदेश के जरिये संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने 58 सेकेंड के इस संदेश में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी घेरा है। इसे हरियाणा के हर शहर, कस्बे और गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य है। संदेश भेजने का काम शुरू कर दिया गया है।

हरियाणा में अपनी राजनीतिक जमीन बनाने की केजरीवाल के मंसूबों के पीछे सबसे बड़ा कारण उनका हरियाणवी होना है. जानकारों के मुताबिक, फोन संदेश में केजरीवाल हरियाणवी भाषा में अपने काम-काज को गिनाते हैं। हरियाणा के स्कूलों व अस्पतालों की तस्वीर से भी रूबरू करा देते हैं। जनता से आम आदमी पार्टी को जिताने की अपील करते हैं। यह भी बताते हैं कि हरियाणा में सभी पार्टियों में मुख्यमंत्री बनने के लिए जबरदस्त झगड़ा चल रहा है। वह यह भी बताने से नहीं चूकते कि किस तरह उन्होंने मनोहर लाल को दिल्ली आकर स्कूल-अस्पताल देखने को कहा, लेकिन वह डर गए। हमने दिल्ली के सरकारी स्कूलों-अस्पतालों में बहुत शानदार काम किया.

बता दें कि हरियाणा की जनता को दिल्ली के स्कूल-अस्पताल देखने का निमंत्रण देते हुए कहते हैं कि केवल सरकारी स्कूलों और अस्पतालों को ही शानदार नहीं किया बल्कि निजी स्कूलों की फीस भी नहीं बढ़ने दी। कुछ निजी स्कूलों ने फीस बढ़ा दी थी तो उनसे फीस वापस करवाई। हरियाणा में स्कूलों-अस्पतालों का बुरा हाल हो रहा है। इसलिए लोगों को मजबूरी में निजी स्कूलों व अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। अगर तीन साल में हमने दिल्ली में इतने काम कर दिए तो मनोहर लाल ने हरियाणा में चार साल में कुछ क्यों नहीं किया? जब मनोहर ने कहा कि केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं, तब मैंने उनसे अनुरोध किया कि आप दिल्ली आकर देखिए। यहां के स्कूल व अस्पताल शानदार मिलेंगे, लेकिन वह नहीं आए, वह डर गए।

हरियाणा में अगले साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. आम आदमी पार्टी की तरफ से अभी तक स्पष्ट नहीं है कि वह लोकसभा चुनाव में हरियाणा में उम्मीदवार उतारेगी. मगर सूत्र बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार उतार कर हरियाणा में वोट प्रतिशत के जरिए जमीन पर अपनी स्थिति को आंकने की कोशिश करेगी और उसी अनुसार विधानसभा चुनाव में उतरेगी. क्योंकि चुनाव में अभी वक्त है, इसलिए केजरीवाल अब अपनी जन्मभूमि और अपनी मिट्टी के मुद्दे पर हरियाणा में मौजूदा सत्ताधारी दल और विपक्षी दलों के साथ दूसरी स्थानीय पार्टियों को चुनौती देने की तैयारी में जुट गए हैं.

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