नजीब अहमद मामले में पूछताछ पर ABVP ने की तोड़फोड़

नई दिल्ली: बीते साल दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से गायब हुए छात्र नजीब अहमद गुमशुदगी के मामले में एबीवीपी के छात्रों से की जा रही पूछताछ से परेशान होकर उन्होंने डीन स्टूडेंट वेलफेयर डिपार्टमेंट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और जमकर तोड़फोड़ की है।छात्रों ने नजीब मामले में डीन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि उन्हें बिना बताये सीबीआई का नोटिस उनके कमरों के बाहर चिपकाया गया।

ये नोटिस जेएनयू के माही और पेरियार हॉस्टल के वार्डन ने 9 छात्रों को बिना सूचित किए उनके कमरे के दरवाजे पर चिपकाया था।एबीवीपी के छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और सीबीआई के अधिकारी पर उनसे पूछताछ के बहाने प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। जेएनयू में एबीवीपी के नेता सौरभ शर्मा के मुताबिक, नजीब मामले में कोर्ट ने 25 अक्टूबर को 9 छात्रों को पॉलीग्राफ टेस्ट पर सहमति देने बुलाया था। लेकिन सीबीआई के अधिकारियों ने इससे एक रात पहले पुलिस के साथ छात्रों के हॉस्टल पहुंच उनके कमरों के बाहर नोटिस लगा दिया। छात्रों का आरोप है कि इस दौरान सीबीआई और दिल्ली पुलिस के अधिकारी न केवल जबरन उनके हॉस्टल में घुसे बल्कि छात्रों के साथ बदतमीजी भी की।

जिसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ़ स्टूडेंट्स उमेश कदम के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे.आपको बता दें कि नजीब अहमद को लापता हुए एक साल हो गए लेकिन अभी तक उसका सुराग सीबीआई नहीं लगा सकी है। नजीब जेएनयू में एमएससी-बायोटेक का छात्र है.दिल्ली की एक अदालत ने जेएनयू के छात्र नजीब अहमद के लापता होने के मामले में 9 छात्रों के पॉलीग्राफ जांच की मांग पर सुनवाई को आगे बढ़ाने की मांग वाले सीबीआई के आवेदन पर आज अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने फैसला सुनाने के लिए 30 अक्तूबर की तारीख तय की है। हाई कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 24 अक्तूबर, 2018 को करेगा। नजीब का एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर झगड़ा हुआ था। जबकि एबीवीपी ने नजीब के लापता होने के मामले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इंकार किया है।

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