आ'तंकी आदिल के घर अब आ रहे लोग और कर रहे है ये,पिता ने सरकार को दी सलाह

February 19, 2019 by No Comments

बीते दिनों जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आ’तंकी हमले में मारे गए 44 जवानों के कातिल आदिल डार के घर पर गांव के लोगों के साथ साथ आसपास के गांव के लोग भी इकट्ठा हो रहे हैं।आपको बता दें कि आदिल डार का घर दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के काकापूरा गांव में है।जो कि बीते काफी वक्त से आ’तंकवादी गतिविधियों का गढ़ बना हुआ है।
आपको बता दें कि लश्कर-ए-तैयबा के अबू दुजाना का ताल्लुक भी इसी गांव से था जो कि सुरक्षाबलों की एक कार्रवाई में मा’रा गया।बताया जा रहा है कि आदिल डार के घर पर भी मा’तम का माहौल छाया हुआ है।जहां आदिल के पिता को शहीद जवानों के परिवारों के लिए संवेदना है।वही अपने बेटे के मा’रे जाने का भी दुख है।

आदिल डार


मीडिया से बातचीत करते हुए आदिल डार के पिता ने बताया है कि जहां कुछ लोग आकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।वही कुछ लोग आकर उन्हें मुबारक बाद भी बोल रहे हैं।लेकिन उन्होंने साफ साफ कहा है कि हम सीआरपीएफ के जवानों की मौ’त की खुशी नहीं मना रहे हैं।
हम उनके दुःख को भली-भांति समझते हैं।क्योंकि कश्मीर में रह रहे लोग भी कई सालों से हिं’सा झेल रहे हैं।आदिल डार के परिवार ने अपने घर पर एक शोक सभा का आयोजन किया था।पुलवामा आ’त्मघाती ह’मले में मारे गए आ’तंकी आदिल डार के पिता गुलाम डार ने कहा है कि वह युवाओं को कोई भी संदेश नहीं देना चाहते।
बल्कि सरकार से यह अपील करना चाहते हैं कि बरसों से कश्मीर में हो रही इस हिं’सा को खत्म करने के लिए कोई ठोस रास्ता निकाला जाए।ताकि इन युवाओं को ऐसे रास्ते पर जाने से रोके।अपने बेटे को याद करते हुए गुलाम डार ने बताया कि बीते साल 18 मार्च को उनका बेटा आदिल अचानक गायब हो गया था।

गुलाम डार


पूरे परिवार ने उसे ढूंढने की कई कोशिशें की लेकिन नकामयाब रहे।उन्होंने आदिल की गुमशुदगी के बारे में गांव की दीवारों पर भी लिखवाया था।ताकि वह वापस घर लौट आए लेकिन उन्हें इस बात का एहसास हो चुका था कि आदिल आ’तंक के रास्ते पर जा चुका है और अब वह वापस नहीं आएगा। फिर भी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए उसे वापस लाने की कोशिशें जारी रखी।पर आदिल ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। पिछले साल ही आ’तंकी संगठन में भर्ती हुआ था।

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