भारत के मुसलमानों का योगदान जानकार हैरान रह जाओगे

February 16, 2019 by No Comments

कुछ साल पहले जनसंख्या के मामले में सबसे ऊपर चीन का नाम हुआ करता था।लेकिन अब आलम ये है कि जनसंख्या के मामले में भारत पड़ोसी मुल्क चीन को पीछे छोड़ चुका हैइस वक्त भारत की जनसंख्या लगभग 1 अरब 30 करोड़ के इर्द-गिर्द घूम रही है।इस वक्त भारत की जनसंख्या में से अगर हम मुसलमानों की गिनती करें तो भारत में इस वक्त लगभग 23 करोड मुसलमान रह रहे हैं।
केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार के राज्य में भारत के मुसलमानों पर तरह-तरह के आरोप लगाकर उन्हें देश विरोधी करार दिया जाता रहा है।गौरतलब है कि देश के मुसलमानों से हिंदूवादी संगठन छोटी-छोटी बात पर उनकी देशभक्ति का सर्टिफिकेट मांगते रहते हैं और इसके साथ होने पाकिस्तान जाने की धमकियां देते रहते हैं।

मुसलमान


मान लीजिए कि अगर देश के 22 करोड़ मुसलमान सच में भारत छोड़कर चले जाएं तो देश की 20% जनसंख्या सीधे-सीधे कम हो जाएगी जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।हालांकि इससे देश में होने वाले हिंदू मुस्लिम संगठनों के बीच हिंसा और दंगे तो जरूर बंद हो जाएंगे।लेकिन देश में बेरोजगारी का स्तर बढ़ जाएगा और इससे अर्थव्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित होगी।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि विप्रो के मालिक अजीम प्रेमजी ने लगभग दो लाख से ज्यादा मुसलमानों को रोजगार दे रखा है और वह अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की परेशानियों को हल करने के लिए भी काम करते हैं।अगर भारत से मुसलमान चले जाएंगे तो यह रोजगार बंद हो जाएगा और भारत में बेरोजगारी की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
वहीं अगर देश से मुसलमानों की संख्या कम हो गई तो भारतीय सेना में मौजूद सैनिकों की संख्या भी कम हो जाएगी।आपको बता दें कि इस वक्त भारतीय सेना में 50,000 से ज्यादा मुसलमान सैनिक तैनात है जो कि भारतीय सीमा पर देश की सुरक्षा कर रहे हैं।

मुसलमान


इसके अलावा अगर भारत में मुसलमान ना होते तो देश के दिवगंत राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम,अबुल कलाम आजाद और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान आदि जैसे लोग भारत का नाम रोशन नहीं कर पाते।इन हस्तियों ने भारत को बुलंदियों पर पहुंचाने का काम किया है।इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किसी भी देश की तरक्की उसमें रहने वाले हर समुदाय के लोगों से होती हैं।

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