AIMIM के मज़बूत गढ़ बहादुरपुरा में क्या विरोधी पार्टियाँ दे पाएँगी टक्कर?, पढ़िए विशेष…

मोहम्मद मोअज्जम ख़ान ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन की तरफ़ से पहली बार विधानसभा का चुनाव बहादुरपुरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से 2009 में लड़े थे जिसमे उन्होंने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी तभी से वो अपने क्षेत्र में ऐसे छा गए कि जनता के दिलों पे राज करने लगे। दूसरा विधानसभा चुनाव उन्होंने 2014 में यहीं से लड़ा और शानदार जीत हासिल की. उन्होंने 1 लाख 6,874 वोट से जीत दर्ज की थी.वहीँ दूसरे नम्बर पर रहे TDP पार्टी से मुहम्मद अब्दुल रहमान मात्र 11,829 वोट ही हासिल कर सके थे.

ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के इस विधायक मोअज्जम खान ने 95,045 वोटों के भारी बहुमत के पाकर एक रिकॉर्ड कायम किया था, भारी बहुमत पाकर इस विधायक ने दूसरी बार 2014 में दुबारा जनता का प्रतिनिधित्व के रूप में चुने गए थे। लेकिन इस बार बहादुरपुरा से एआईएमआईएम के प्रत्याशी मोअज्जम खान को इस विधानसभा से काफी मुशिकलों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि इस सीट से भाजपा ने अपना मुस्लिम प्रत्याशी उतार दिया है, बीजेपी प्रत्याशी का नाम हनीफ अली है। वहीँ महागठबंधन की तरफ से राजेंद्र राजू (कांग्रेस) को उम्मीदवार बनाया गया है। और ये भी बताया जा रहा है कि ये सीट एआईएमआईएम का गढ़ है जो कई चुनाव के परिणामों से बताया जा सकता है। ऐसे में इस सीट पर लड़ाई और तेज़ हो गयी है।

आपको बता दें कि मोहम्मद मोअज्जम खान जोकि बेहद शांत स्वभाव के नेता जाने जाते हैं, जनता के बीच लोकप्रियता इनकी अधिक है, पार्टी में बड़े नेताओं से भी इनकी अच्छी खासी पकड़ है, और ख़ास बात यह है कि ये Aimim पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बेहद करीबी भी माने जाते हैं। ऐसे में इस सीट से हार मिलने के बाद पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है जनता ही तय करेगी की उनका प्रतिनिधित्व करने वाला कौन होगा।

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