‘मोदी एक दिन डॉक्टर की तरह बिताएं तब उन्हें समझ आएगा डॉक्टर कितना प्रेशर झेलते हैं’

December 24, 2017 by No Comments

सरकारी अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की क्या स्थिति है इसको बताने के लिए एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिख दी. इस चिट्ठी में कुछ ऐसा भी इन्होने लिख दिया जो चर्चा में बना हुआ है. असल में डॉक्टरों ने अपनी चिट्ठी में प्रधानमंत्री मोदी से अपील की है कि वो एक रोज़ के लिए उनके जैसी ज़िन्दगी जी कर दिखाएँ तो उन्हें पता चलेगा कि डॉक्टर किस तरह के दबाव में काम करते हैं.

एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सरकार से मांग की थी कि उनकी सैलरी बढ़ाई जाए और प्रमोशन की व्यवस्था की जाए. इसको लेकर जब डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात की तो राजस्थान सरकार ने कुछ डॉक्टरों को गिरफ़्तार कर लिया. राजस्थान सरकार ने क़ानून व्यवस्था का हवाला देकर रेसमा (RESMA) लागू कर दिया. ये क़दम सरकार ने तीन महीने के लिए उठाया है. राजस्थान सरकार के इस क़दम के बाद डॉक्टरों ने मोदी को चिट्ठी लिखी है और उनसे गुज़ारिश की है कि डॉक्टरों पर पड़ने वाले दबाव को ठीक से समझें.

इस चिट्ठी में कहा गया है कि सरकारी अस्पतालों के ख़स्ताहाल और ख़राब इंफ्रास्ट्रक्चर से जब मरीज़ों के परिजन दुर्व्यवहार करते हैं तो उसे डॉक्टर को झेलना पड़ता है. एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट हरजीत सिंह भट्टी कहते हैं कि प्रधानमंत्री एक दिन सफ़ेद एप्रेन पहन कर सरकारी डॉक्टर के रूप में गुज़ारें ताकि प्रधानमंत्री को समझ आये कि हम कितना ज़्यादा प्रेशर संभालते हैं.इसमें कहा गया है कि अगर प्रधानमंत्री ऐसा करते हैं तो हेल्थकेयर सिस्टम के लिए ये बड़ा टर्निंग पॉइंट होगा.

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