8 ऐसे शख्स जिन पर जुमे की नमाज फर्ज नही, देखिये इन 8 में आप भी तो नहीं…

February 8, 2019 by No Comments

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम बात करेंगे जुम्मा किस पर फर्ज है और किस पर फर्ज नहीं या जुम्मे की क्या फजीलत है. वैसे तो दोस्तों जुम्मा हर बालिक मर्द पर फर्ज है प्यारे नबी सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने फरमाया कि जुम्मा हर बालिक मुसलमान पर फर्ज है जिसने 3 जुमा लगातार छोड़ दिया गोया उसने इस्लाम को पीठ के पीछे फेंक दिया और ऐसा शख्स मुनाफिक है और अल्लाह से उसका कोई ताल्लुक नहीं है.
लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं जिन पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि कौन से ऐसे लोग हैं जिन पर जुमा फर्ज नहीं है. दोस्तों नंबर एक पर आते हैं मुसाफिर मतलब कि जो शख्स सफर में है सफर के दौरान हैं उस पर जुम्मा फर्ज नहीं है.

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नंबर दो पर आते हैं मरीज इस तरह के मरीज जो अपनी बीमारी की वजह से मस्जिद ना जा सकते हैं . नंबर तीन पर आती हैं औरतें दोस्तों जुम्मा हर बालिग मर्द पर फर्ज है लेकिन औरतों पर फर्ज नहीं है. नंबर चार, दोस्तों ऐसा शख्स जो पागल हो यानी कि मानसिक रूप से ठीक ना हो ऐसे शख्स पर भी जुम्मा फ़र्ज़ नहीं है.
दोस्तों नंबर पांच पर आते हैं बच्चे नबी करीम सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने फरमाया जुम्मा हर बालिग मर्द पर फ़र्ज़ है इससे मुराद है कि जो बालिग नहीं है या जो बच्चा है उस पर जुम्मा फ़र्ज़ नहीं है. नंबर 6 पर आते हैं कुछ ऐसे लोग जो कि नाबीना है और अपाहिज हैं या किसी ऐसी परेशानी में हो जिसकी वजह से वह मस्जिद तक ना जा सकते हो ऐसे शख्स पर भी जुम्मा फर्ज नहीं है.

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नंबर 7 पर आते हैं कैदी, दोस्तों कैदियों पर भी जुम्मा फर्ज नहीं है इस क्रम में नंबर 8 पर आते हैं ऐसे लोग जिनको हाकिम या बादशाह का डर हो कि वह जुल्मों सितम करेंगे ऐसे लोगों पर भी जुम्मे के लिए जाना फर्ज नहीं है. दोस्तों यह 8 ऐसे लोग हैं जिन पर जुम्मा फर्ज नहीं है लेकिन अगर कोई बहुत परेशानी के बावजूद मस्जिद पहुंच जाता है और जुमे तक पहुंचकर जुम्मा पढ़ना चाहता है तो वह जुम्मा पढ़ सकता है. दोस्तों हमारी अल्लाह से दुआ है कि हमें और आपको नमाज़ी बनाएं. जुमे का भी पाबंद बनाएं इस्लाम के एहकाम पर खरा उतरने वाला बना दें.

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