विरोधियों की सभी चालें ध्वस्त करके आगे बढ़ते जा रहे हैं अकबरुद्दीन ओवैसी

इस समय देश के पाँच राज्यों में हो रहे चुनाव को लेकर गहमागहमी है. सभी की निगाहें इन चुनावों पर लगी हैं. जहां सबसे अधिक चर्चा हिंदी बेल्ट में मध्य प्रदेश और राजस्थान को लेकर है वहीं तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की भी ख़ासी चर्चा है. इसकी वजह ये है कि ये आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन का गढ़ है. असदउद्दीन ओवैसी की ये पार्टी पूरे देश में चर्चा में रहती है और इस वजह से पूरे देश की निगाहें यहाँ लगी हैं. इन चुनावों में आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के नेता आक्बरुद्दीन ओवैसी की सीट पर ख़ास निगाहें हैं. वो चन्द्रयान गुट्टा से चुनाव लड़ने रहे हैं. यहाँ उनका ख़ासा ज़ोर है और पहले भी वो यहाँ से विधायक रह चुके हैं.

अकबरुद्दीन ओवैसी इस सीट से लगातार चार बार विधायक रह चुके हैं. वह लगातार चार बार 1999, 2004, 2009 और 2014 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. तेलंगाना विधानसभा में वो पार्टी के विधायक दल के नेता भी थ. जूनियर ओवैसी की सीट सबसे मज़बूत सीट मानी जाती है और मीम ये उम्मीद कर रही है कि यहाँ से वो बड़ी जीत हासिल कर के एक सन्देश भेजेगी. बात अगर २०१४ के विधानसभा चुनाव की करें तो अकबर ने यहाँ से 59,274 वोटों की जीत दर्ज की थी. अकबरुद्दीन ओवैसी इस सीट से पहली बार 1999 में चुनाव लड़े थे और जीते थे. अकबरुद्दीन को टक्कर देने की कोशिश कई बार पार्टियाँ कर चुकी हैं लेकिन किसी बार कोई कामयाबी ख़ास नहीं दिखी.

भारतीय जनता पार्टी ने इस बार यहाँ से एक मुस्लिम महिला उम्मीदवार सैयद शहज़ादी को चुनाव मैदान में उतारा है. इस महीने की 7 तारीख़ को यहाँ चुनाव होने हैं. स्थानीय जानकार मानते हैं कि अकबर को यहाँ टक्कर देना बहुत मुश्किल है और एक बार फिर अकबर इस सीट पर बड़ी जीत हासिल कर सकते हैं. वहीँ दूसरी ओर भाजपा नेताओं को किसी करिश्मे की उम्मीद है. अकबरुद्दीन ओवैसी के भाषण अक्सर चर्चा में रहते हैं. उनके बारे में कहा जाता है कि वो अक्सर विवादित भाषण भी देते हैं. उन्होंने इस बार भी कुछ ऐसे भाषण दिए हैं जिसको लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है. इस बार भी उनकी रैलियों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है. वैसे देखा जाए तो अकबर के विरोध में कई बार भाजपा नेता भी विवादित बयान दे जाते हैं.

वहीं विरोधी उम्मीदवार सैयद शहज़ादी का दावा है कि अकबर ने इस इलाक़े में ख़ास काम नहीं कराया है और जनता परेशान है. वो कहती हैं कि पिछले दो दशक से यहाँ मीम जीत रही है लेकिन कोई विकास कार्य नहीं हुआ है. शहज़ादी ने आरोप लगाया कि हैदराबाद के पुराने शहर में एक सांप्रदायिक माहौल बना दिया गया है। सामान्य मुसलमानों समेत आम लोगों के जीवन में कोई बदलाव नहीं आया है। मीम के बारे में कहा जाता है कि ये घर-घर जाने वाली पार्टी है. इसका बूथ मैनेजमेंट बहुत अच्छा माना जाता है. क्षेत्रीय स्तर पर मीम से अच्छा बूथ मैनेजमेंट शायद ही किसी दल का हो.

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