साल 2017: अखिलेश चुनाव तो हारे लेकिन अभी भी हैं प्रदेश के सबसे पोपुलर नेता

January 2, 2018 by No Comments

साल 2016 के आख़िर में समाजवादी पार्टी में ख़लबली मची हुई थी. तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बेटे अखिलेश यादव में कई मुद्दों पर मतभेद था. लम्बे चले हंगामे के बाद आख़िर 2017 की पहली तारीख़ को अखिलेश यादव सपा की राष्ट्रीय कन्वेंशन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए. हालाँकि ये कन्वेंशन भी विवाद में रही लेकिन अखिलेश ने पार्टी को पूरी तरह अपने कण्ट्रोल में ले लिया. इसके बावजूद भी ये नहीं कह जा सकता कि उन्होंने अपने पिता का सम्मान नहीं किया.

इस मुश्किल परिस्थिति में जब विधानसभा चुनाव हुए तो लोगों का अनुमान था कि आपसी मतभेदों का असर पड़ेगा और शायद पड़ा भी लेकिन सपा और कांग्रेस का गठबंधन हो जाना सेक्युलर राजनीति के लिए कामयाबी की बात मानी जा सकती है. इस चुनाव में सपा को हार का सामना करना पड़ा लेकिन व्यक्तिगत तौर पर अभी भी प्रदेश में सबसे पोपुलर नेता अखिलेश यादव ही हैं. इतना ही नहीं सपा कार्यकर्ता तो अभी भी उन्हें मुख्यमंत्री जी कह कर ही पुकारते हैं.

अखिलेश ने जो काम किये हैं वो तो अभी तक लोगों की नज़र में हैं ही, साथ ही युवाओं को जिस तरह वो प्लेटफ़ॉर्म देते हैं उससे युवा उनसे लगातार जुड़ रहे हैं. ये कहना ग़लत ना होगा कि अखिलेश ने सपा को एक नया लुक दिया है. जहाँ पहले ये परंपरागत पार्टी मानी जाती थी, अब इसमें नयापन भी है और कुछ पुराना सा भी है. अखिलेश के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण पर भी काम हो रहा है. कुल मिला कर इस साल अखिलेश ने अपनी छवि में और सुधार किया है, वो पहले से और ज़्यादा पोपुलर हुए हैं. जिस तरह से वो पार्टी को खड़ा कर रहे हैं उससे तो ये लगता है कि आने वाले सालों में पार्टी में अच्छे नेताओं की कमी नहीं रहेगी.

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