एक-दो सीट छोड़ कर कहीं नहीं प्रभावी हैं शिवपाल, अखिलेश पूरे प्रदेश में..

November 7, 2018 by No Comments

उत्तर प्रदेश की सत्ता पर इस समय क़ब्ज़ा भाजपा का है लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा किसी दल की उत्तर प्रदेश में होती है तो वो है समाजवादी पार्टी. इसमें कोई दो राय नहीं कि पिछले कुछ सालों में अखिलेश ने युवाओं को अपने साथ जोड़ा है. प्रदेश में लेफ़्ट विचारधारा के युवा सपा में जुड़े हैं और इसका फ़ायदा आने वाले दिनों में पार्टी को होगा. अखिलेश यादव ने धर्म और सेकुलरिज्म में बेहतर समन्वय बनाया है, वो हर धर्म का सम्मान भी करते हैं और कभी किसी पर अभद्र टिपण्णी नहीं करते. परन्तु इस समय अखिलेश के लिए मुश्किल बाहर से नहीं बल्कि अन्दर से ही आ रही है.

चाचा शिवपाल यादव ने पहले सपा के अन्दर ही अखिलेश के ख़िलाफ़ मोर्चा बनाया और अब वो सपा से अलग हो गए हैं. शिवपाल ने नई पार्टी बना ली है लेकिन अखिलेश और उनके बीच बात पार्टी तक ही नहीं है. यहाँ बात पारिवारिक भी है. अखिलेश और शिवपाल की राजनीतिक लड़ाई घर में भी एक समस्या बनी हुई है. परन्तु अखिलेश के क़रीबी कहते हैं कि उन्होंने इस मामले को अच्छी तरह से हैंडल किया हुआ है. अखिलेश जिस तरह से अपनी चालें चल रहे हैं उसके आगे शिवपाल फ़ेल होते दिख रहे हैं. शिवपाल को उम्मीद है कि उनके पास कुछ यादव और कुछ मुस्लिम वोट आ जाएँगे लेकिन शिवपाल अपनी कुछ सीटों के अलावा पूरे प्रदेश में कामयाब होते नहीं दिख रहे हैं.

शिवपाल का प्रभाव सीमित है जबकि अखिलेश पूरे प्रदेश में पोपुलर हैं. समाजवादी पार्टी में आज मुलायम सिंह यादव से भी अधिक पोपुलर हैं अखिलेश. मुस्लिम और यादव वोटर्स तो अखिलेश को अपनी पहली पसंद मानते ही हैं, कुछ और जातियों में भी अखिलेश की अच्छी पकड़ है. अखिलेश ने अपनी सरकार के समय विकास कार्य कराये थे इस वजह से उन्हें युवा भी काफ़ी पसंद करते हैं. शिवपाल फ़िलहाल जनता से मुख़ातिब ही नहीं दिख रहे, वो तो अभी अखिलेश से ही अपनी जंग को आगे बढ़ा रहे हैं.

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