डार्विन का सिद्धांत छोड़ें, पकौड़े बेचें

January 21, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने दावा किया है कि चार्ल्स डार्विन का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से ग़लत है। सत्यपाल सिंह ने औरंगाबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि बंदर से आदमी बनने का चार्ल्स डार्विन का विकासवाद का सिद्धांत गलत है क्योंकि उन्होंने अपने दादा दादी से इस तरह कि कोई बात नहीं सुनी।

हमारे पूर्वजों ने कभी किसी बंदर के इंसान बनने का उल्लेख नहीं किया है। इसके साथ उन्होंने स्कूल और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में इससे जुड़े बदलाव की भी वकालत की। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनका काफी मजाक बन रहा है। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी मंत्री पर चुटकी ली है।

अखिलेश ने ट्वीट कर कहा है कि एक मंत्री जी कह रहे हैं वानर से मानव बनने का डार्विन का सिद्धांत गलत है क्योंकि पूर्वजों ने ऐसे परिवतर्न को होते हुए देखने की बात कभी नहीं की है। ऐसा कहकर वो देश की सोच को शायद इतनी अवैज्ञानिक बनाना चाहते हैं कि लोग पकोड़ा तलने के रोजगार को नौकरी के समकक्ष मानने से इंकार न करें।

इस कड़ी में महिला कलाकार श्रुति ने भी ट्विटर पर ट्वीट कर कहा है कि बिल्कुल, हमारे पूर्वजों ने किसी बंदर को इंसान बनते नहीं देखा है, लेकिन उन्होंने यह भी नहीं देखा है कि भगवान ने इंसान को बनाया है। हम बहुत बुरे फंसे हैं। शिक्षा गई तेल लेने।
गौरतलब है कि ये बयान आने के बाद सत्यपाल सिंह सोशल मीडिया पर मज़ाक का पात्र बन गए हैं। सत्यपाल सिंह के इस बयान पर ट्विटर पर सोशल मीडिया यूज़र्स ख़ूब टिप्पणियां कर रहे हैं।

आपको बता दें इससे पहले 8 जनवरी को राजस्थान के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा था कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन से पहले ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने दिया था। राजस्थान यूनिवर्सिटी के एक समारोह में पहुंचे शिक्षामंत्री ने कहा था कि हम सब ने पढ़ा है कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन ने दिया था, लेकिन गहराई में जाने पर पता चलेगा कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन से एक हज़ार वर्ष पूर्व ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने दिया था।

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