कांग्रेस-भाजपा हो या कोई और दल, हैदराबाद में ओवैसी के आगे सब हो जाते हैं फ़ेल

November 19, 2018 by No Comments

हैदराबाद : तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए 7 दिसंबर को चुनाव होना है। इस.चुनाव मे हैदराबाद पर सबकी नज़रें रहेंगी। हैदराबाद में 7 विधानसभा सीटें हैं जिसमें से 6 पर असदुद्दीन औवेसी की पार्टी AIMIM के विधायक हैं। जबकि एक सीट पर भाजपा के पास है। हैदराबाद मे असदुद्दीन ओवैसी ओवैसी की पार्टी का पकड़ बहुत मजबूत मानी जाती है। जानकारों का मानना है कि उनकी सबसे बड़ी ताक़त मुसलमानों की आबादी है जो लगभग 65 प्रतिशत है। यहाँ के मुसलमान AIMIM पर पूरा विश्वास करते है। उल्लेखनीय है कि AIMIM खुद भी मुस्लिम हितैषी पार्टी होने की बात कहती आ रही है। बात अगर पुराने शहर की करें तो यहाँ असदुद्दीन ओवैसी की मज़बूत जनाधार है। यहां के मतदाता असदुद्दीन ओवैसी को अपना हीरो मानते हैं।

यही कारण है कि AIMIM हर बार यहां बेहतर करती जा रही है। यहाँ तक की मोदी लहर मे भी यहां के मतदाता उनके पक्ष रहे है।वैसे कोई ऐसे ही किसी का हीरो नहीं बन जाता ।AIMIM ने ज़मीनी स्तर पर सभी वर्ग के लोगों के लिए काम किया है। यहाँ के मतदाताओं का कहना है कि असदुद्दीन औवेसी उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यहाँ के मतदाताओं के लिए वही उनके मसीहा हैं। ख़ास तौर पर यहाँ के मुसलमान उनको देश के सबसे बड़े मुसलमान नेता के रूप में देखते हैं।उनका मानना है कि मुसलमानों के पास ओवैसी के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। वह उनको हैदराबाद का ही नहीं बल्कि देश का बड़ा नेता मानते हैं। उनका मानना है हैदराबाद में अमन व शांति हैं तो ओवैसी के बदौलत है।

आप को बता दें कि हैदराबाद के पुराने शहर में पड़ने वाली लोकसभा सीट 1984 से ओवैसी परिवार के पास है। 1984 मे कांग्रेस की लहर होते हुए भी सुलतान सलाहुद्दीन ओवैसी यहां से चुन कर आये थे। उसके बाद से आज तक AIMIM यहां चुनाव नहीं हारी है। छ बार सलाहुद्दीन ओवैसी के सांसद रहने के बाद पार्टी ने 2004 में असदुद्दीन ओवैसी को मैदान में उतारा। जो सलाहुद्दीन के बड़े बेटे हैं। असदउद्दीन ओवैसी ने ये चुनाव आसानी एक लाख से ज़्यादा वोटों से जीत लिया था । तब से अब तक हैदराबाद मे उनकी पकड़ बनी हुई है।

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