अल्लाह को हर मुश्किल वक़्त में कैसे याद करें?, मौलाना तारिक जमील साहब ने फ़रमाया…

January 15, 2019 by No Comments

दोस्तों मौलाना तारिक जमील साहब ने अपने एक बयान में कहा कि अल्लाह को खुदा ना कहा करो क्योंकि लफ्ज़ ए खुदा में वह नूर नहीं है जो लफ्ज़ ए अल्लाह में है मौलाना ने कहा कि जब इंग्लिश में भी बोलो तो गॉड की जगह अल्लाह बोलो क्योंकि अल्लाह का तर्जुमा ना गॉड है ना ईश्वर है ना भगवान है अल्लाह का तर्जुमा सिर्फ और सिर्फ अल्लाह ही है.
इसके सिवा इस लफ्ज़ का कोई तर्जुमा नहीं है उन्होंने कहा कि मैं ओलिमा से भी कहता हूं और जो यहां लोग बैठे हैं और जितने भी औरते और बच्चे हैं मैं उनसे यह कहना चाहता हूं कि लफ्ज़ अल्लाह का यूज करें ना कि लफ्ज़ ए खुदा का मौलाना ने कहा कि नाम का कोई तर्जुमा नहीं होता जब मेरे अल्लाह का नाम मौजूद है तो हम क्यों उसे दूसरे नाम से बुलाते हैं हम उसे अल्लाह के नाम से ही बुलाए ना कि किसी और नाम से.

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उन्होंने बात को समझाने के लिए कहा की तारीख का मतलब होता है रात तब मुझे कोई क्यों नहीं कहता कि मौलाना रात को आने वाले कब आए, दोस्तों अल्लाह को अल्लाह के नाम से ही बुलाया करो मौलाना ने कहा कि मेरे नबी का फरमान है कि जब तक इस जमीन पर एक इंसान अल्लाह अल्लाह कहता रहेगा अल्लाह ताला इस दुनिया के निजाम को ऐसे ही चलाता रहेगा.
दोस्तों एक ईमान वाला इतना कीमती है की इस सातो जमीन और सातो आसमान से ज्यादा उसकी कीमत है, सिर्फ एक इंसान और सिर्फ अल्लाह कहने वाला ला इलाहा इलल्लाह कहने वाला नहीं बल्कि सिर्फ अल्लाह कहने वाला जब तक इस दुनिया में रहेगा लपा की दुनिया को ऐसे ही चलाते रहेंगे.

अगर आपको कोई मुश्किल आती है तो मौलाना तारिक जमील साहब के इस बयान को सुने और अल्लाह को कैसे याद किया जाता है मुश्किल में, आपको भी ये विडियो सुनकर पता चल जायेगा की मुश्किलों में अल्लाह को कैसे याद करते हैं और पूरी जानकारी के लिए देखिये विडियो.

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