ताजमहल को विवाद में लाने वाले मोदी को बदनाम करना चाहते हैं: अमर सिंह

वाराणसी/नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी में कई साल तक अपनी मज़बूत पकड़ बनाए रखने वाले अमर सिंह आजकल अपनी पार्टी से नाराज़ हैं. असल में अमर सिंह शिवपाल यादव के क़रीबी माने जाते हैं और इसलिए धीरे धीरे सपा में हाशिये पर पहुँच गए हैं. यूँ तो अमर सिंह सपा से ही राज्यसभा सांसद हैं लेकिन उन्हें शायद ही पार्टी के किसी फ़ैसले में शामिल किया जाता है.

अब शायद इसी वजह से अमर सिंह ने भी सपा से अलग दूसरी पार्टियों में जगह तलाशना शुरू कर दिया है. जहां एक ओर सपा ने साफ़ कर दिया है कि वो गुजरात में चंद सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बाक़ी पर कांग्रेस का समर्थन करेगी वहीँ अमर सिंह ने कहा है कि वो भाजपा के लिए प्रचार करेंगे.

शनिवार को वाराणसी में अमर सिंह ने ये कहा कि अगर उन्हें मौक़ा मिला तो वो गुजरात में भाजपा के पक्ष में प्रचार करेंगे. उन्होंने साथ ही बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन से भी अपील की कि गुजरात चुनाव में वो भी प्रचार करेंगे तो अच्छा होगा.

अमर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा कि शुरू के दस स्थान पर नरेंद्र मोदी ही हैं और कोई भी नेता उनके आस-पास नहीं टिकता. ताजमहल विवाद पर अमर सिंह ने कहा कि वहाँ चालीसा पढने का सवाल ही नहीं क्यूंकि ताजमहल को मकबरा माना जाता है. इसलिए उन्हें चालीसा पढ़ना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि ताजमहल के बारे में इस तरह के बयान देने वाले मोदी को बदनाम करने की कोशिश में हैं. उन्होंने कहा कि गौ रक्षा के नाम पर भी कुछ लोग ऐसे ही हैं.

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