कमलनाथ के गढ़ में रैली करने गए अमित शाह को मिलीं ख़ाली कुर्सियाँ,मिनटों में खिसके

November 24, 2018 by No Comments

मध्य प्रदेश । चुनावी जनसभाओं मे कुर्सियों की अपनी अहमियत होती है। यह नेता के प्रति जनता का रुझान दिखाती हैं। अगर किसी नेता की जनसभा मे कुर्सियां भरी हुई हैं तो उसकी स्थिति मज़बूत मानी जाती है ।वहीं दूसरी और ख़ाली कुर्सियां नेताओं की चिंता बढ़ा देती हैं। इसका असर दल विशेष के आत्मविश्वास पर भी पढ़ता है। यही कारण है कि सभी दल जन सभाओं मे ज़्यादा से ज़्यादा भीड़ जुटाने की कोशिश करती हैं।

बात मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव की करें तो सभी दल अपने अपने प्रचार मे जुटे हुए हैं। इसी क्रम मे शुक्रवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के गढ छिंदवाड़ा पहुंचे।यहाँ उन्हें पांढुर्ना विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित करना था। लेकिन यहाँ जो हुआ वह उन्होंने सपने मे भी नहीं सोचा होगा। दरअस्ल अमित शाह यहाँ पहुंचे तो जरूर, लेकिन उन्हें सुनने के लिए लोग ही नहीं पहुंचे। चुनावी सभा में खाली कुर्सियों और श्रोताओं के ठंडे जोश के बीच शाह ने अपने भाषण मे कमलनाथ को निशाने पर लेने की भरपूर कोशिश की, लेकिन रैली का स्वभाव उसके अनुरूप न रहा।इसका नतीजा यह हुआ कि आम तौर पर लंबे लंबे भाषण देने वाले अमित शाह को को मात्र 20-25 मिनट में ही अपना भाषण खत्म करना पड़ा।

जनसभा के दौरान अमित शाह के चेहरे की मायुसी साफ़ देखी जा सकती थी। यहाँ तक के स्थानीय कार्यकर्ताऔं को खाली कुर्सियों को बीच में ही हटाना पड़ा। लेकिन इसके बाद भी अमित शाह और जनता मे उत्साह बन नहीं पाया। आप को बता दें कि मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा इलाका से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ 1980 से सांसद का चुनाव जीतते आ रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक सिर्फ एक बार 1997 में यहां से हारे हैं। यहाँ तक कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के सामने भी कमलनाथ अपनी सीट आसानी से बचा कर ले गये थे। यह इसलिए भी उल्लेखनीय है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में तब सिर्फ दो सीटों पर जीत दर्ज कर पाई थी।

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