पंजाब में हो रही दक्षिणपंथी नेताओं की हत्या के पीछे ISI का हाथ: सीएम अमरिंदर सिंह

November 8, 2017 by No Comments

पंजाब: बीते साल से पंजाब में शुरू हुए दक्षिणपंथी नेताओं के हत्या के पीछे राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ बताया है। पंजाब पुलिस ने राज्य में पिछले समय के दौरान हुए इन हत्या मामलों में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएएसआई के साथ जुड़े हुए हैं।

इस मामले में सीएम अमरिंदर सिंह और डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने ये बात कही है। उन्होंने बताया कि जालंधर में बहुचर्चित आरएसएस नेता ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा, रविंद्र गोसाईं, पादरी सुलतान मसीह और अमित शर्मा की हत्या समेत ज्यादातर कत्ल केस सुलझा लिए गए हैं। डीजीपी अरोड़ा के मुताबिक इन घटनाओं का मास्टरमाइंड नाभा जेल ब्रेककांड का आरोपी गैंगस्टर धर्मेंद्र उर्फ गुगनी है। उसने अपनी विचारधारा के लोगों के साथ मिलकर एक गैंग खड़ा किया। पुलिस के अनुसार हत्या में इस्तेमाल किये गए हथियार उसी ने उपलब्ध कराए थे। गुगनी मेहरबान की मदद ली वह जेल से ही अपना गैंग ऑपरेट करता है और दविंदर बंबीहा गैंग से जुड़ा है। हालांकि वह पंजाब की अति-सुरक्षित नाभा जेल में बंद है। लेकिन वह मोबाइल से अपने शूटर और गैंग ऑपरेट करता रहा है।
इनकी हत्या करने के आरोपियों में जिम्मी सिंह, जगतार जौहल उर्फ जग्गी, गैंगस्टर धर्मेंद्र सिंह गुगनी और एक शूटर शामिल हैं। शूटर को मंगलवार को ही गिरफ्तार किया गया है, इसलिए उसके नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। इनमें से दो आरोपियों जिम्मी सिंह और जगतार जौहल ब्रिटैन से आये हैं।

सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि आईएसआई हमेशा से ही भारत में शांति-व्यवस्था भंग करना चाहती है और नौजवानों को कट्टरपंथी बनने को प्रेरित करती है। बीते एक साल में पंजाब में हुई हत्याएं आईएसआई के भारत-विरोधी गेम प्लान का हिस्सा हैं क्योंकि पंजाब पुलिस को इसके ठोस सबूत मिले हैं।

ये आरोपी स्मार्ट फ़ोन के जरिये विदेशों में बसे अपने आकाओं और आईएसआई के प्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से संपर्क में थे। आईएसआई के निर्देशों पर ही आरोपियों द्वारा पंजाब में हत्या की घटनाओं को अंजाम देकर सांप्रदायिक दंगे भडक़ाने का काम किया जाता रहा है।

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *