AMU: “सर सैयद डे” में शामिल हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी; पढ़िए इस मौक़े पर एक नज़्म

अलीगढ़: समाजसेवी सर सैयद अहमद ख़ान का जन्म 17 अक्टूबर, 1817 को हुआ था. सर सैयद अहमद ने दुनिया भर में अपनी शिक्षा के लिए मशहूर मोहम्मडन-एंग्लो-ओरिएण्टल कॉलेज की स्थापना की थी जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय(AMU) बना. सर सैयद अहमद के जन्म-दिवस पर हर साल विश्विद्यालय सर सैयद डे मनाता है. इस बार सर सैयद डे पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी चीफ़ गेस्ट हैं. AMU में पढ़े पूर्व छात्र भी इसे अपने अपने स्तर पर अपने शहरों में ये दिन मनाते हैं. इस विशेष दिन पर आम छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौक़ा भी मिलता है.

इस मौक़े पर हम पाठकों के साथ फ़रहान ख़ान की एक नज़्म साझा कर रहे हैं.

वो बहरूने मुल्कों से आए हुए
वो जी भर के खाए अघाए हुए
वो चेहरे पे फिकरों का इज्मा लिए
वो टोपी भी तुर्की लगाए हुए

कोई पूछ बैठे जो उनसे ज़रा
वो पिछले बरस के अज़ाएम थे क्या
वो बोलेंगे मसरुफ़ियत के सबब
वो जल्दी में सब भूल आये हुए

वो अपने हिसारों के क़ैदी हैं सब
किसी में इलाक़ा किसी में नसब
हलक़ तक तकब्बुर में डूबे हैं सब
वो गर्दन ज़रा सी झुकाए हुए

वो बातें पुरानी वही बात बस
इरादों की परवाज़ हद्दे कफ़स
कनेडी में सोफों की अगली सफें
वो सोफों में खुद को धसाए हुए

वो बहरूने मुल्कों से आए हुए
वो जी भर के खाए अघाए हुए

#अलीगढ में मोहम्मडन-एंग्लो-ओरिएण्टल कॉलेज की स्थापना सन 1875 में हुई. सन 1919 में इस कॉलेज को विश्विद्यालय का दर्जा प्राप्त हो गया और 1920 में इसका नाम अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय हो गया.

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