अन्ना हज़ारे ने मोदी सरकार के खिलाफ शुरू किया आंदोलन- मुझे आश्वासन देकर विश्वासघात किया

March 23, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे एक बार फिर आंदोलन पर बैठ गए हैं। छह साल बाद एक बार फ‍िर दिल्‍ली का रामलीला मैदान समाजसेवी अन्ना हजारे का कुरुक्षेत्र बन गया है। इस अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत करने से पहले अन्ना हज़ारे राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि स्थल पर गए और वहां पर उन्होंने बापू को नमन किया। इसके बाद अपने हजारों समर्थकों की मौजदूगी में अन्ना ने मंच पर सबसे पहले तिरंगा लहराया।

अन्ना किसानों की सात मांगों को लेकर दोबारा आंदोलन कर रहे हैं। इसके साथ लोकपाल कानून की मांग भी इस आंदोलन का हिस्सा है। अन्ना ने भूख हड़ताल शुरू करने से पहले बताया है कि, ‘मैंने सरकार को 42 बार पत्र लिखा, मगर सरकार ने नहीं सुनी। अंत में मुझे अनशन पर बैठना पड़ा।’ इसके साथ ही अन्ना ये भी कहा कि चाहे इस बार भीड़ आए ना आए वह अकेले ही रामलीला मैदान में बैठे रहेंगे और जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती वह यहां से नहीं हटेंगे।

अनशन पर बैठने से पहले अन्ना ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि उनके समर्थक दिल्ली कूच ना कर सके इसलिए प्रशासन ने ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। अन्ना हजारे ने ये आंदोलन लंबे वक़्त तक चलने के संकेत देते हुए कहा है की 80 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक से मृत्यु होने की बजाए समाज की भलाई के लिए मौत हो। देश के लिए मरना मेरे लिए सौभाग्य है। सरकार ने आंदोलन करने से मुझे रोका। सरकार के आश्वासन पर मुझे भरोसा नहीं है।
देश के वीरों ने कुर्बानी देकर अंग्रेजों को निकाला, लेकिन देश में लोकतंत्र आज भी नहीं आया। गोरे अंग्रेज़ गए और काले अंग्रेज आ गए। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। रामलीला मैदान के चारों तरफ व अंदर भी चप्पे-चप्पे पर पैरामिलिट्री व दिल्ली पुलिस तैनात है। किसी भी तरह की संभावनाओं से निबटने के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरी तैयारी की है।

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