”मशवरे देती रहेगी सरकार’, जेटली के बयान के बाद RBI से बढ़ सकता है ‘मोदी सरकार’ का विवाद

October 31, 2018 by No Comments

नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार के बीच घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में भारत सरकार रिजर्व बैंक का सेक्शन 7 लागू कर सकती है। खास बात तो यह है कि इस बीच आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो भारत में कोई भी सरकार पहली बार इस सेक्शन का प्रयोग करेगी। RBI और सरकार के बीच बढ़ती टेंशन पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सरकार आगे भी RBI को सलाह देती रहेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के खिलाफ आरबीआई ऐक्ट, 1934 के तहत केंद्र सरकार को मिले इस अधिकार का इस्तेमाल किया है. आरबीआई ऐक्ट के सेक्शन 7 के तहत सरकार को यह अधिकार प्राप्त है कि वह सार्वजनिक हित के मुद्दे पर आरबीआई को सीधे-सीधे निर्देश दे सकती है, जिसे आरबीआई मानने से इनकार नहीं कर सकता है.

दरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऐक्ट, 1934 की धारा 7 कहती है, ‘केंद्र सरकार सार्वजनिक हित के लिए अनिवार्य मानते हुए बैंक के गवर्नर से मशविरे के बाद समय-समय पर इस तरह के निर्देश दे सकती है. इस सबके बीच, आशंका जताई जाने लगी है कि सरकार और आरबीआई के बीच खटास बढ़ सकती है. आशंका यह भी जताई जाने लगी है कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ्तर (पीएमओ) में तैनात एक अफसर ने पूरे घटनाक्रम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. कहा कि इस तरह से मामला सार्वजनिक नहीं होना चाहिए. केंद्र सरकार काफी परेशान है.हालांकि, सरकार को आरबीआई से तो ऐसी उम्मीद नहीं थी.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक अन्य अफसर ने कहा कि सरकार आरबीआई की स्वायत्तता और स्वतंत्रता की की सम्मान करती है, मगर उन्हें अपनी जिम्मेदारियों से भी वाकिफ होना चाहिए. बता दें कि शुक्रवार को अपने एक ‘विस्फोटक बयान’ में डिप्टी गवर्नर आचार्य ने आरबीआई की स्वायतत्ता को कमजोर करने की सरकारी कोशिशों पर सवाल उठाए थे. कहा कि इससे  बाजार और देश के आर्थिक हालात पर विपरीत असर पड़ सकता है. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. 

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