संघ की विचारधारा यही है कि ख़ुद को शेर और बाक़ी को कुत्ता समझते हैं: ओवैसी

September 10, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: आरएसएस मोहन बागवत के बयान के बाद AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में उनसे सवाल पूछा है। ओवैसी ने पूछा की आखिर कौन कुत्ता है और कौन शेर? बता दें कि शिकागो में आयोजित हुए दूसरे विश्व हिंदू कांग्रेस में 2500 प्रतिनिधियों के सामने कहा गया कि ‘यदि कोई शेर अकेला होता है, तो जंगली कुत्ते भी उस पर हमला कर अपना शिकार बना सकते हैं।’ जिसके बाद ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि  ‘भारत के संविधान में सबको इंसान माना गया है न कि किसी को कुत्ता या शेर। आरएसएस के सबसे बड़ी दिक्कत है कि आरएसएस को संविधान पर विश्वास नहीं है।’

AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी कहा कि भागवत के इस बयान में शेर का आशय संघ और कुत्ते का विपक्षी पार्टियों से है. ओवैसी ने कहा कि भारत के संविधान में सभी को इंसान के रूप में बताया गया है. इसमें किसी को भी शेर या कुत्ते के रूप में नहीं कहा गया है. संघ के साथ यही दिक्कत है. संघ भारत के संविधान को नहीं मानता. संघ की विचारधारा ही ऐसी है. इसमें वे खुद को शेर और बाकी सभी को कुत्ता समझते हैं. वे खुद को शक्तिशाली और दूसरों को कमजोर समझते हैं. लेकिन हमारे संविधान में सभी को बराबर समझा गया है.

ओवैसी ने कहा कि वे भागवत के इस बयान से जरा भी नहीं चौंके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कहा कि आरएसएस पिछले 90 साल से इसी भाषा का इस्तेमाल करती आ रही है. देश की जनता उन्हें इसका जवाब देगी. इसी बीच, भारिप बहुजन महासंघ के नेता और संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर ने भी विश्व हिंदू कांग्रेस में भागवत के बयान की कड़ी निंदा की है। आंबेडकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘कुत्ते’ का जिक्र यहां देश के विपक्षी दलों के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि वह भागवत की इस मानसिकता की आलोचना करते हैं, जिसमें उन्होंने विपक्षी पार्टियों का जिक्र कुत्ते के रूप में किया है।

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