असम: युवक के फ़ोन में था ओवैसी का वीडियो, होटल विवांता ने की बदसलूक़ी

October 17, 2018 by No Comments

हमारा भारत देश एक लोकतांत्रिक देश हैं लेकिन कई बार ऐसा होता है जहाँ पर लोगों को अपने इस अधिकार का इस्तेमाल करने में दिक्क़त आ जाती है. कोई क्या सोचता है या किस पार्टी को पसंद करता है ये बहस का मुद्दा हो सकता है लेकिन किसी को इस वजह से अपमानित नहीं किया जा सकता. आज हम आपको ऐसी ही एक ऐसी ताज़ा घटना के बारे मे बताने जा रहे हैं, जिसे पढ़कर आपके होश उड़ जाएंगे|

यह घटना असम के गुवाहाटी शहर की है , जहां से तीन युवक दिल्ली के लिए रवाना होने के लिए निकले, परंतु किसी कारणवश उनकी फ्लाइट मिस हो गई| उसके बाद उन्होंने वहीँ के चार सितारा ताज विवांता होटल में कमरा लिया| पहले ही आपको बता देतें हैं कि ये तीनो ही युवक मुस्लिम समुदाय से आते हैं| इसमे पहले युवक का नाम इमरान हुसैन लसकर , दूसरे युवक का नाम सहाबुद्दीन और तीसरे युवक का नाम इस्लाम बरभुईयान है | इमरान हुसैन लस्कर सेना में दांतो का डॉक्टर है , और वे आर्मी मेडिकल कॉपर्स के लिए काम करता है|

सहाबुद्दीन सिलचर के पास ही कॉलेज संचालित करता है, जबकि बरभुईयान एक शिक्षक है| तीनो से पूछताछ में पता चला कि इन तीनो ने 2 बजे के करीब होटल में चेक इन किया था | एक न्यूज चैनल के ज़रिए ये भी पता चला कि इन तीनो ने 2000 रुपये अलग से दिए थे ताकि उन्हें एक अतिरिक्त बेड मिल सके| ये सारे काम निपटाकर वे दोनों बाहर टहलने चले गए|

वे तकरीबन 4 बजे के करीब जब होटल वापिस लौटे तब उन्होंने वो देखा जो शायद उन्होंने अपने सपनो में भी नही सोचा होगा , उन्होंने देखा कि होटल पूरा सुरक्षाकर्मियों से भरा हुआ था| वे समझ भी नही पा रहे थे कि ये हो क्या रहा है, ऐसा लग रहा था मानो लोग उनकी गतिविधियों की निगरानी कर रहे है| फिर उन्हें पता चला कि होटल वालों ने उनकी अतिरिक्त बेड वाली बात को भी नही माना| एक टीवी चैनल में दिए गए इंटरव्यू में लसकर ने बताया कि होटल वालो ने और रिसेप्शनिस्ट ने उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया, उन्हें अपमानित किया और बहुत बदतमीजी भी की|

लस्कर न्यूज़ चैनल से बात ही कर रहे थे की होटेल के सीईओ ने उन्हें जेल तक भेजवाने की धमकी दे डाली| एक न्यूज चैनल के हवाले से यह खबर आई कि होटल के प्रबंधन और स्टाफ के लोगो ने इन तीनो का सामान तक जांच के लिए भेज दिया ,और हद तो तब हो गयी जब होटल वालो ने इन तीनो के पीछे आदमी लगा दिये, ये जहां जहां जाते वे उनके पीछे पीछे जाते| लस्कर ने जब प्रताड़ना को रिकॉर्ड करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल छीन लिया गया|

और उनके मोबाइल की जांच भी की गई, तो जांच के दौरान लसकर के फोन में असदउद्दीन ओवैसी का पुराना वीडियो मिला , इतना ही नहीं उन्होंने ओवैसी को कट्टरपंथी करार दे डाला| उन्होंने लस्कर का कार्ड भी छीन लिया| उसके बाद इन तीनो को कमरे में बंद कर दिया गया और उसके बाद इनसे ढेर सारे सवाल भी पूछे | उनके साथ ये सवाल जवाब का कारवां आधी रात तक चला| और उसके बाद इन्हें छोड़ा गया|

अब सवाल उठता है कि आप कैसे किसी के भी साथ बिना किसी अपराध के ऐसा बुरा व्यवहार कर सकते हैं| क्या ये हमारा लोकतंत्र है?ये मामला यही तक नही थमा, सांसद और एआईएमआईएम के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करके असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से जांच की अपील की है।

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