अशोक गहलोत ने दिए संकेत- जिग्नेश की मांग पर कांग्रेस कर रही है विचार

गांधीनगर: गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी को टक्कर देने के लिए कांग्रेस युवा नेता अल्पेश ठाकोर, हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी की तिकड़ी को एक साथ अपने साथ जोड़ने की हर कोशिश कर रही है। इस सन्दर्भ में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने गुजरात में दलितों के युवा नेता जिग्नेश मेवानी के साथ मुलाकात करनी थी। राहुल और जिग्नेश की यह मुलाकात गुजरात चुनाव के कारण काफी अहम मानी जा रही है। दरअसल बीते साल गुजरात के ऊना में हुए दलित मारपीट कांड के बाद से दलित समुदाय में बीजेपी के खिलाफ काफी नाराजगी है।

लेकिन जिग्नेश मेवानी ने राहुल गाँधी से मुलाकात करने से इंकार कर दिया है। जिग्नेश ने कहा है कि हम राहुल गांधी से या किसी भी नेता से मिलेंगे तो व्यक्तिगत फायदे के लिए नहीं, बल्कि दलित समुदाय के अधिकारों के मुद्दे पर बातचीत करने के लिए मिलेंगे। लेकिन कांग्रेस को इस मामले में पहले अपना पक्ष साफ करना चाहिए। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि मेरा मीडिया के साथियों से सादर अनुरोध है कि कृपया यह गलत खबर दुबारा मत चलाइए कि हम आज राहुल गांधी से मिलने वाले हैं। उन्होंने लिखा कि हम राहुल गांधी जी को या किसी भी नेता को मिलेंगे तो हमारे व्यक्तिगत लाभ के लिये नहीं मिलेंगे। दलित समाज के जिन सवालों को लेकर गुजरात की भाजपा सरकार बात करने को तैयार नहीं उन सवालों पर कांग्रेस पार्टी का पक्ष क्या है उस की स्पष्टता के लिए ही मिलेंगे। हम चोरी छुपे किसी को क्यों मिलें? रही बात मिलने-जुलने की तो खबर यह बनना चाहिए कि 22 साल में गुजरात की जनता को क्या मिला? जिग्नेश ने इस फैसले पर गुजरात कांग्रेस के प्रभारी अशोक गहलोत ने भी सहमति जताई है। उनका मानना है कि ‘जिग्नेश का सोचना बिलकुल सही हैं। जब तक पार्टी अपना स्टैंड साफ नहीं करती है कोई भी किसी से कैसे मुलाकात करेगा।’

दूसरी तरफ हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर की राजनीति एक दूसरे के विरोध से ही शुरू हुई है। हार्दिक पटेल जहां पाटीदारों को आरक्षण देने के मुद्दे पर कांग्रेस को अल्टिमेटम दे चुके है कि वे कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला तब ले पाएंगे। जब कांग्रेस पाटीदारों के लिए आरक्षण के लिए कोई रोडमैप लाएगी। वहीँ गुजरात में 7 फीसदी दलित हैं और जिग्नेश ने कांग्रेस ने इसपर अपना पक्ष साफ़ करने के लिए कहा है। हालाँकि कांग्रेस ने जिग्नेश मेवानी पर नजर जमाई हुई है ताकि दलित वोटों को अपने पक्ष में किया जा सके। ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। अब अल्पेश ठाकोर ओबीसी में आरक्षण में किसी भी तरह के बदलाव का विरोध कर रहे हैं।

 

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