औरत से खाने में नमक तेज होने पर अल्लाह ने शौहर को जो हुक्म दिया उसे ज़रूर पढ़े

दोस्तों जिंदगी में कुछ लम्हे ऐसे आते हैं जब आदमी सही तरीके से सोचता है फिर उसके बाद उसकी पूरी जिंदगी ही बदल जाती है ऐसे ही एक वाक्य हम आपको बताते हैं. एक गरीब आदमी था जिसकी पत्नी से नमक तेज हो गया उसका पति जब खाना खाने के लिए बैठा तो नमक इतना ज्यादा ते’ज देख कर उसको गु’स्सा आ गया आदमी गरीब था.महीनों बाद मुर्गी का गोश्त लाया था.

महीनों से सब्जी दाल खा खा कर उसकी जबान गोश्त खाने के लिए बेचै’न थी मगर बीवी ने नमक तेज करके सारा सालन ही ख’राब कर दिया था।उसको गु’स्सा बहुत आया लेकिन उसने अपनी पत्नी को कुछ नहीं किया चुपचाप खाना खा लिया और उसने अपने दिल में सोचा.

अगर मेरी बेटी से यही नमक तेज हो जाता तो मैं यही पसंद करता कि मेरी बेटी का पति उसे माफ कर दे.मेरे जिगर के टुकड़े को कुछ ना कहें मेरी बीवी भी तो किसी का जिगर का टुकड़ा है किसी मां बाप की बेटी हैऔर सबसे बढ़कर तेरी बं’दी है कि उसने कहा या अल्लाह मैं इसे तेरी रज़ा के लिए मा’फ करता हूं।

कुछ साल के बाद जब उसका इंतकाल हो गया तो एक अल्लाह वाले ने उसे ख्वाब में देखा और पूछा भाई तेरे साथ अल्लाह ने क्या मामला किया.उसने जवाब दिया कि मुझे अल्लाह के सामने पेश किया गया.

और अल्लाह ने मुझे मेरे गुना’ह बयान किया तूने ये ये गुना’ह किया मैंने समझ लिया अब मैं उन गुना’हों की वजह से जहन्नम में जाऊंगा।लेकिन फिर मेरे अल्लाह ने आखिर में फरमाया कि जाओ .

मैंने तुम्हें इस वजह से माफ किया कि तुमने अपनी बीवी को उस दिन मेरी बं’दी समझ कर मा’फ किया थाजिस दिन उससे नमक तेज हुआ था तूने उसे गा’ली नहीं दी थी डंडा नहीं मा’रा था तुमने उसकी गल’ती मेरी रजा के लिए मा’फ की थी तो आज मैं तुमको मा’फ करता हूं।

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