पितृ-पक्ष में भूलकर भी नहीं खाएँ ये पाँच चीज़ें

September 30, 2018 by No Comments

हिन्दू धर्म की ये मान्यता है कि पितृपक्ष में कोई शुभ-कार्य नहीं शुरू करना चाहिए. ये एक ऐसा मौक़ा होता है जब हमारे ख़ानदान के बुज़ुर्ग धरती पर आते हैं और हमारे साथ 15 दिन गुज़ारते हैं.ऐसे में हमें भूलकर भी कोई शुभ काम शुरू नहीं करना चाहिए क्यूँकि ऐसा करना उनको दुःख देता है. हम आपको बताएँ कि पितृ-पक्ष के दौरान हमें कुछ चीज़ों को नहीं खाना चाहिए. इन चीज़ों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.

बासी भोजन: हम आम दिनों में खाना बच जाने पर उसे फेंकते नहीं हैं बल्कि अगले समय खा लेते हैं बशर्ते वो ख़राब न हुआ हो. कई बार हम खाना जानवरों को भी खिला देते हैं. परन्तु पितृ-पक्ष के दौरान हमें बासी खाना बिलकुल नहीं खाना चाहिए. ऐसा करने से स्वास्थ ख़राब हो सकता है.
चना और सत्तू: धर्म के जानकार कहते हैं कि पितृ-पक्ष में हमें कभी भी चना और सत्तू नहीं खाना चाहिए और न ही इनसे बनी हुई वस्तुएँ भोजन बनानी चाहिएँ. ऐसा करना नुक़सान-दायक हो सकता है.

मसूर की दाल: पितृ-पक्ष के दौरान कभी भी मसूर की दाल को इस्तेमाल में ना लायें. दूसरी डालें चाहें तो खा लें जैसे अरहर लेकिन मसूर बिलकुल नहीं.
मूली, लौकी, खीरा: शास्त्रों में आया है कि मूली-लौकी और खीरा पितृ-पक्ष के दौरान नहीं खाना चाहिए. ऐसा करना बिलकुल भी अच्छा नहीं है. इससे हमारे पितृ नाख़ुश हो सकते हैं.

काला नमक: इन चीज़ों के अलावा एक और चीज़ ऐसी है जो नहीं खानी चाहिए. ऐसा करने से हमारे पितृ नाराज़ हो सकते हैं, वो काला नामक. काला नमक इस समय बिलकुल नहीं खाना चाहिए. पितृपक्ष में इनको खाने से पितृ रुष्ट हो जाते है. धार्मिक जानकार इस बारे में विशेष तरह से कहते हैं कि ऐसा न करें.

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