अजहर के साथ हुई थी साज़िश ,जज ने सुनाया फैसला,बोले-न्याय को…

July 5, 2021 by No Comments

लोकपाल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) दीपक वर्मा ने रविवार को मोहम्मद अजहरुद्दीन को हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद पर पुन: बहाल कर दिया.
साथ ही पूर्व भारतीय कप्तान को निलंबित करने वाले अपेक्स काउंसिल के पांच सदस्यों को ‘अस्थाई रूप से अयोग्य’ कर दिया.

अंतरिम आदेश में एचसीए लोकपाल ने एचसीए शीर्ष परिषद के पांच सदस्यों के जॉन मनोज, उपाध्यक्ष आर विजयानंद, नरेश शर्मा, सुरेंदर अग्रवाल और अनुराधा को अस्थाई रूप से अयोग्य करार दिया.

शीर्ष परिषद ने अपने संविधान के कथित उल्लंघन के लिए अजहरुद्दीन को ‘निलंबित’ किया था.न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) वर्मा ने अपने आदेश में कहा कि अजहरुद्दीन के खिलाफ शिकायत लोकपाल के पास नहीं भेजी गई, इसलिए इसकी कोई वैधानिक वैधता नहीं है.

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) वर्मा ने कहा, ‘शीर्ष परिषद स्वयं इस तरह के फैसले नहीं कर सकती. इसलिए मैं निर्वाचित अध्यक्ष को निलंबित करने के इन पांच सदस्यों द्वारा पारित प्रस्ताव (अगर है तो) को रद्द करने को उचित समझता हूं.

कारण बताओ नोटिस जारी करता हूं और साथ ही उन्हें निर्देश देता हूं कि वे एचसीए अध्यक्ष मोहम्मद अजहरुद्दीन के खिलाफ आगे की कोई भी कार्रवाई करने से दूर रहें.’

उन्होंने कहा, ‘इसलिए मैं निर्देश देता हूं कि मोहम्मद अजहरुद्दीन अध्यक्ष के रूप में बरकरार रहने चाहिए और पदाधिकारियों के खिलाफ सभी शिकायतों पर फैसला केवल लोकपाल करेगा.’

अजरुद्दीन ने अध्यक्ष पद ने हाटाने जाने के के बाद उन्हें गलत तरीके से हटाने की बात कही थी. अजरुद्दीन ने टीम इंडिया की ओर से 300 से अधिक वनडे खेले और 9 हजार से अधिक रन बनाए.

निजी क्लब के सदस्य होने का आरोप लगा था

मोहम्मद अजहरुद्दीन पर आरोप था कि उन्होंने एसोसिएशन को यह नहीं बताया कि वह दुबई के एक निजी क्रिकेट क्लब के सदस्य हैं,जो एक टी10 टूर्नामेंट में हिस्सा लेता है.

इस टूर्नामेंट को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) से मान्यता प्राप्त नहीं है.नोटिस में इस बात का भी उल्लेख किया गया था कि उन्होंने एचसीए खाते को फ्रीज कर दिया था और लोकपाल की नियुक्ति पर सवाल उठाया था, जिसे अवैध करार दिया गया है.

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