मुसलमानों ने भी आज़ादी की जंग में जाने गंवाई हैं: बदरुद्दीन अजमल

February 22, 2018 by No Comments

सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने एक ऐसा बयान दिया है जिसके बाद उन पर राजनीतिक बयान देने का आरोप लग रहा है. रावत ने एक बयान में भाजपा और AIUDF की तुलना करके हलचल मचा दी. उन्होंने कहा कि असम की AIUDF जिस तेज़ी से आगे बढ़ी है, उस तेज़ी से तो भाजपा भी आगे नहीं बढ़ सकी थी. उनकी इस तुलना के बाद AIUDF अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने प्रेस कांफ्रेंस करके अपना पक्ष साफ़ किया है.

अजमल ने इस प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वो रावत की बहुत इज़्ज़त करते हैं लेकिन मैं समझता हूँ कि उन्हें ग़लत जानकारी दी गयी है. उन्होंने कहा,”लोग कहते हैं कि हमारी पार्टी मुस्लिम पार्टी है पर ये बात झूठ है. हम हर चुनाव में 20-25 सीटें हिन्दू भाइयों को भी देते हैं. मुसलमान भाइयों ने भी देश की आज़ादी में जाने गंवाई हैं. हमें भारतीय की तरह रहना चाहिए”

अजमल ने कहा कि अगर आर्मी चीफ़ असम के डेमोग्राफिक बदलाव पर बयान दे रहे हैं तो ये ज़िम्मेदारी सरकार की है. हम एक मात्र पार्टी हैं जो कहती है कि उसे तुरंत गोली मार दो जो भी घुसपैठ की कोशिश करे. उन्होंने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से समय माँगा है. हमारे विधायक मिलकर अपनी पोजीशन साफ़ करेंगे. उन्होंने कहा कि जब भी वो गृह मंत्री से मिलते हैं तो वो उन्हें बदरुद्दीन भाई कहकर संबोधित करते हैं, अगर हम एंटी-नेशनल हैं तो वो हमारा स्वागत क्यूँ करते हैं.

इसके पहले जब रावत ने बयान दिया तो उनके बयान पर आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असद उद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रया दी. उन्होंने कहा कि रावत को राजनीतिक बयान नहीं देना चाहिए. इस बारे में सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गयी है कि आख़िर सेना अध्यक्ष को राजनीतिक बयान देने की क्या ज़रूरत है और उनके बयान को कुछ लोगों ने भाजपा के समर्थन वाला बताया है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *