बेगम अख्तर के जन्मदिन पर गूगल ने दिया शानदार तोहफ़ा… उर्दू ज़बान को भी होगा फ़ायदा

October 7, 2017 by No Comments

मशहूर ग़ज़ल गायिका बेगम अख्तर का आज जन्मदिन है. बेगम अख्तर के जन्मदिन को और ख़ूबसूरत बना दिया है गूगल ने. गूगल ने उनकी सालगिरह के मौक़े पर अपने डूडल में उन्हें जगह दी है. इससे एक बात और पता चली है कि उर्दू ग़ज़ल गायिका का दायरा बढ़ रहा है. गूगल जैसी बड़ी कंपनी को अगर ऐसा महसूस हो रहा है कि उर्दू के लोगों को सम्मान देना चाहिए तो इसे ज़बान के लिए अच्छे संकेत ही माने जायेंगे.

बेगम अख्तर का जन्म फ़ैज़ाबाद में 7 अक्टूबर, 1914 को हुआ था. वो ग़ज़ल, ठुमरी और हिन्दुस्तानी क्लासिकल म्यूजिक में महारत रखती थीं. उन्हें संगीत नाटक अकादमी, पदम् श्री और पद्मा भूषण से भी सम्मानित किया गया था. उन्हें उनकी लाजवाब गायकी के लिए मल्लिका-ए-ग़ज़ल कहा जाता था.

उस्ताद इमदाद ख़ान से ट्रेनिंग लेने वाली बेगम अख्तर की तारीफ़ सरोजनी नायडू ने भी की थी. अपने शुरूआती दिनों में उन्होंने फ़िल्मों में बतौर नायिका भी काम किया लेकिन उनकी आवाज़ इस क़दर मशहूर हो रही थी कि आने वाली ज़िन्दगी में वो इसी के लिए जानी गयीं. उनके बारे में कहा जाता है कि वो पहली ऐसी गायिका थीं जिन्होंने ग़ज़ल गायिकी को प्राइवेट महफ़िल से निकाला.

उनके द्वारा गई गयीं ग़ज़लें आज भी ख़ासी मशहूर हैं. उनकी गई कैफ़ी आज़मी की ग़ज़ल “ए मुहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया” आज भी लोगों की ज़बान पर रहती है.

अहमदाबाद में एक कॉन्सर्ट के दौरान उनको ऐसा लगा कि वो अच्छा नहीं गा पा रहीं और अपनी आवाज़ की पिच बढाने की कोशिश में वो ख़ुद को बीमार कर बैठीं. अचानक ही उनकी तबियत ज़्यादा ख़राब हो गयी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया.

उनका देहांत 30 अक्टूबर, 1974 को उनकी दोस्त नीलम गमडिया की बाहों में हुआ.

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