बेतहाशा बढ़ रही है सांसदों और विधायकों की संपत्ति

नई दिल्ली: आय से ज्यादा संपत्ति के शक के आधार पर लोकसभा के 7 सांसद और राज्यों के करीब 98 विधायक आयकर विभाग के राडार पर आ गए हैं। उनकी बढ़ रही संपत्ति की जांच की जा रही है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने याचिकाकर्ता की तरफ से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। सीबीडीटी के मुताबिक चुनावी हलफनामे के मुताबिक 26 लोकसभा सांसदों, 11 राज्यसभा सांसदों और 257 विधायकों की संपत्ति में काफी बढ़ोतरी हुई है।

लेकिन 26 लोकसभा सांसदों में से 7 की और 257 विधायकों में से 98 की संपत्ति में बहुत जरूरत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी।
CBDT ने कहा कि वह मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इन लोकसभा सांसदों और विधायकों के नाम को एक सीलबंद लिफाफे में पेश करेगी।

सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका लखनऊ के एक एनजीओ ‘लोक प्रहरी’ द्वारा दायर की गई थी। जिसके बाद इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने CBDT से जवाब मांगा था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो चुनावों के बीच जिन नेताओं की संपत्ति 500 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी है उनका पूरा ब्यौरा दिया जाए।
सीबीडीटी ने कहा कि वक़्त-वक़्त पर उसने इलेक्शन कमीशन को इन सूचनाओं से अवगत कराया है।

इस मामले में इससे पहले भी जस्टिस जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली बैंच ने केंद्र की मंशा पर सवाल उठाया था और पूछा था कि क्या कभी नेताओं की ओर से संपत्ति को लेकर दी गई जानकारी की जांच हुई है।

उसने हैरानी जताई थी कि एक ओर तो सरकार चुनावी सुधार की बात करती है और दूसरी ओर संदिग्ध मामलों की जांच की तारीख भी नहीं बताती। बैंच ने पूछा, ‘क्या यह भारत सरकार का बर्ताव है? अब तक आपने क्या किया है?’

आपको बता दें की लोक प्रहरी ने याचिका में नेताओं की जायदाद में अचानक होने वाले इजाफे को लेकर सवाल उठाने के साथ ये मांग की थी कि ना केवल उम्मीदवार की कमाई का स्रोत बताया जाना चाहिए बल्कि उसके जीवनसाथी और बच्चों की कमाई की जानकारी भी दी जानी चाहिए।

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