पहले से ही तय थी भारत बंद के दौरान हुई हिंसा, युवाओं को संगठनों द्वारा हथियारों के साथ दी गई थी ट्रेनिंग

मध्यप्रदेश में भारत बंद के दौरान हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को भिंड जिले से बीजेपी नेता गिरिराज जाटव को भारत बंद के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बंद के दौरान सबसे ज्यादा हिंसा ग्वालियर एवं चंबल संभाग में हुई थी, यहाँ पर हिंसा के दौरान 7 लोगों की मौत हुई है।

मध्य प्रदेश में भारत बंद के दौरान भड़की हिंसा में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा को पुलिस मुख्यालय की इंटेलीजेंस शाखा ने सुनियोजित बताया है। खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बंद के दौरान हिंसा भड़काने के लिए कुछ संगठनों ने युवाओं को हथियारों के साथ ट्रेनिंग दी गई थी।

इस रिपोर्ट में यह सामने आया है कि ग्वालियर और चंबल संभागों में हिंसा के लिए करीब तीन दर्जन से ज्यादा संगठनों ने गड़बड़ी फैलाने की साजिश रची। इनके द्वारा अपने विश्वस्त लोगों को लाठी-डंडे बांटे गए। उन्हें ट्रेनिंग देने के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप बनाकर सूचना प्रदान की गई। ट्रेनिंग में यह भी बताया गया था कि किस शख्स को किस जगह पर रहना है। इंटेलीजेंस शाखा ने संगठनों को चिन्हित कर लिया है, जिनमें से कुछ संगठनों के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक हिंसा को लेकर इंटेलीजेंस शाखा ने इनपुट एकत्रित किया है। साथ ही जो लोग अब तक गिरफ्तार हुए हैं, उनसे भी इस संबंध में पुलिस और इंटेलीजेंस को इससे जुड़ी जानकारी मिली है। उन्होंने बताया है की कुछ सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी हिंसा में शामिल थे। इस मामले में आईजी मकरंद देउस्कर ने कहा है कि अधिकारी या कर्मचारी और अन्य शख्स के हिंसा में शामिल होने के सबूत मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.