तो इस वजह से बीबी और बच्चो को छोड़कर विनोद खन्ना बन गये थे सन्यासी?…अब बेटे ने खोला राज़

जब विनोद खन्ना का एक्टिंग करियर पीक पर था उसी वक्त विनोद खन्ना ने अचानक फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया था और बॉलीवुड से दूर विनोद खन्ना ने एक साधारण जीवन जीने का फैसला किया था और इस वजह से विनोद खन्ना अपना घर और बीवी बच्चों को छोड़कर ओशो के एक आश्रम में जाकर रहने लगे थे.

वही खबरों की माने तो विनोद खन्ना के इस फैसले के पीछे उनके बेहद करीबी दोस्त महेश भट्ट का हाँथ था और उन्होंने ही विनोद खन्ना को अध्यात्म की ओर जाने के लिए प्रेरित किया और अपने दोस्त का कहना मान कर विनोद खन्ना ने ये कदम उठाया था.

वही विनोद खन्ना को ओशो आश्रम महेश भट्ट ही लेकर गए थे और वहां कुछ समय तक विनोद खन्ना के साथ रहने के बाद महेश भट्ट वहां से वापस आ गए लेकिन विनोद खन्ना को ओशो अपने साथ अमेरिका लेकर चले गए और वहां 10 सालों तक ओशो की शरण में रहने के बाद विनोद खन्ना का ध्यान भट’कने लगा और उन्होंने ओशो को छोड़कर फिल्म इंडस्ट्री में वापसी की थी .

लेकिन वो जबतक वापसी किये तब तक उनका कैरियर पूरी तरह से बर्बा’द हो गया और इसके बाद साथ 2017 में कैंसर की जं’ग हा’रने के बाद विनोद खन्ना इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए.

वही विनोद खन्ना के निधन के 2 साल बाद उनकी बेटे अक्षय खन्ना ने इस राज से पर्दा उठाया था की आखिर क्यों उनके पिता अपना घर परिवार छोड़कर सन्यासी बन गए थे और फिर उन्होंने क्यों फिल्म इंडस्ट्री में वापसी की थी.

अक्षय खन्ना ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान इस बात का खुलासा करते हुए कहा था कि,” जब मेरी उम्र महज 5 साल की थी तो मुझे यह चीजें समझ में नहीं आ रही थी लेकिन अब मुझे सारी बातें समझ आ गई है.

उन्होंने कहा कि ओशो से लोगों का मोहभंग हो चुका था जिस वजह से सबको अपनी अपनी राहें खोजनी पड़ी और यही वजह है कि मेरे पिता भी ओशो छोड़कर घर वापस आ गए और अगर ऐसा नहीं होता तो वो हमारे पास कभी वापस नहीं आते.

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