बीबी किसी और के साथ जिना करने लगे फिर शौहर को क्या करना चाहिए ?हुजुर (स.अ.व.) ने फरमाया

एक शख्स ने अपनी पत्नी को जिना करते हुए देख लिया.यह देख कर वह बहुत गुस्सा हुआ.और वह नबी करीम सल्ल्लाहू अलैहि वसल्लम की बारगाह में पहुंचा, जब वह वहां पर पहुंचा तो बहुत सारे लोग मौजूद थे,और उस ने भीड़ में चिल्ला कर कहा कि मेरी बीवी ने जिना कर लिया है.यह सुनकर नबी करीम सल्ल्लाहू अलैहि वसल्लम नाराज़ हुए.

आप ने फरमाया कि यह बात अकेले में बता सकते थे,किसी की इज्ज़त इस तरह महफ़िल में उछालना ठीक नहीं है,और फिर उसे सज़ा दी गई.दोस्तों कभी अपनी पत्नी या पति को कहीं पर ज़लील नहीं करना चाहिए,अगर दोनों में नहीं बनती है,तो वह दोनों अलग हो सकते हैं,अगर पत्नी गलत है तो उसे समझाया जाए,उसे सुधारने की कोशिश की जाए.

इसके बाद भी अगर पत्नी न माने तो उस के सामने रास्ता खुला है,वह अपनी पत्नी से तलाक ले सकता है.लेकिन उसे साथ में रख हमेशा उसे मारना पीटना उसे परेशान करना,उसे तंग करना ठीक नहीं है.इसी तरीके से अगर शौहर की तरफ़ से ज़ुलम ज़्यादती की जाती हो या खर्चा खाना ना दिया जाता हो,तो बीवी को चाहिए कि वह अपने शौहर को समझाए.

उसे बताये कि बीवी के क्या हक होते हैं.हर हाल में सब से पहले इस बात की कोशिश की जाये कि आपस में समझा कर मामला हल कर लिया जाये.और यह बात घर के बाहर ना जाए. न ही रिश्तेदारों से बताये,क्योंकि इस में उन्हीं की बदनामी है.

लेकिन अगर मामला हाल होने की उम्मीद ना हो और शौहर का ज़ुलम-ओ-ज़्यादती औरत के लिए नाक़ाबिल बर्दाश्त हो और मर्द तला’क़ भी ना देता हो तो औरत भी खुला का मुतालिबा कर सकती है.वह काजी के पास जाकर सारी बता कर उस से छुटकारे के लिए अर्जी दे सकती है.

उसके बाद वह दोनों अलग हो सकते हैं.वर्ना बग़ैर किसी ज़रूरत और परेशानी के औरत का तलाक़ या खुला का मुतालिबा करना गु’नाह है। हदीस में इस पर वईद आई है

Leave a Reply

Your email address will not be published.