“सिर्फ़ मुस्लिम समाज ही नहीं, दलित और पिछड़े समाज के साथ भी ‘मोदी सरकार’ में अन्याय हुआ है”

November 2, 2018 by No Comments

आम आदमी पार्टी के बिहार प्रदेश सचिव और प्रवक्ता नवाज़ शरीफ़ से ‘भारत दुनिया’ ने बात की. इस बातचीत के अंश हम अपने पाठकों के लिए यहाँ साझा कर रहे हैं.
देश की युवा राजनीति को आप किस तरह देखते है ?
किसी भी चीज में नए खून की सख्त जरूरत होती है। जब नया पौधा निकलता है तो उसमें एक अलग किस्म की उमंग होती है। ठीक उसी तरह सिर्फ हिंदुस्तान की राजनीति राजनीति ही नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति में भी युवाओं को आगे आना चाहिए, जो कि राजनीति को एक स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेगी।

कई विपक्षी नेता ये आरोप लगा रहे हैं कि मोदी सरकार के राज में मुस्लिम समाज से भेदभाव बढ़ा है। आप क्या मानते हैं?
सिर्फ मुस्लिम समाज ही नहीं बल्कि दलित एवं पिछड़े समाज के साथ भी अन्याय हुआ है। भीड़ हिंसा को ही देख लीजिए… दलितों को पीटा जा रहा है। मुस्लिमों को मारा जा रहा है। दलितों को संविधान ने जो अधिकार दिए हैं, उसे छीनने की कोशिश की जा रही है। अतः यह कहना सही होगा कि, कमजोर और अल्पसंख्यक तबके को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आपकी प्रोफाइल पर लिखा है ‘सोशलिस्ट’ लेकिन आपने जॉइन की आम आदमी पार्टी। ऐसा क्यों?
सोशलिस्ट का मतलब ‘किसी पार्टी से नहीं होना’ तो बिल्कुल भी नहीं भी नहीं होता। सोशलिस्ट का काम समाज की सेवा करना होता है और वह चाहे जिस तरह से समाज की सेवा कर पाए, वह करेगा। रही बात आम आदमी पार्टी की तो आज के दौर में आम आदमी पार्टी ही एक ऐसी पार्टी है जिसका कोई भी नेता भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं है। अगर किसी पर कोई भ्रष्टाचार का आरोप भी लगा है तो उसे दबाने की कोशिश नहीं की गई है। गलत को सही दिखाने से इन्होंने परहेज किया है। बिहार से लेकर दिल्ली तक की अन्य पार्टियों को देखिए, यहां बुरे चीजों को आसानी से छुपा लिया जाता है। मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में हुए हाल हाल ही की घटना को ले लीजिए, मंत्री जी की छत्रछाया में नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म होता है। इस घिनौनी घटना के सबके सामने आ जाने जाने सामने आ जाने जाने सामने आ जाने के बावजूद भी ना ही तो कोई इस्तीफा नजर आता है और ना ही कोई कड़ी कार्रवाई।

बिहार में आपको किसकी स्थिति मज़बूत नज़र आ रही है। क्या जनता नितीश को फिर मौक़ा देगी?
बिहार में लोगों ने सभी को आजमा कर देख लिया है। लालू जी ने अपनी तरह से लूटा तो कांग्रेस ने अपनी तरह से। नितीश जी ने ने भी जंगल राज को बरकरार रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हाल ही में हुए मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम की घटना को ले ले लीजिए। यह घटना नीतीश जी के के ही एक मंत्री के छत्रछाया में हुआ। अतः बिहार के लोगों के लिए अब मात्र एक ही विकल्प बचा है, वह है आम आदमी पार्टी।
बिहार की जनता भी देख रही है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने जिस तरह से दिल्ली में कार्य किया है वैसा आजादी के 60 साल बाद तक किसी पार्टी ने नहीं किया है।

मोदी सरकार के कामकाज को कितने नंबर देंगे? युवाओं के लिए मोदी सरकार के कामों को 10 में से कितने नंबर देंगे
नंबर तो जनता दे ही रही है। जहां-जहां भी उपचुनाव हुआ है वहां जनता ने बता ही दिया कि आखिर उसे क्या पसंद है। हंगामा कर के चुनाव तो जीत लिया जाता है, लेकिन फिर जैसे ही जनता के समझ में आता है कि इनके वादे-इरादे कितने झूठे हैं फिर उन्हें वो बड़ी आसानी से नकार दे रहा है। यूपी के उपचुनाव को ही ले लीजिए जहां मोदी जी के पार्टी के ही मुख्यमंत्री, खुद अपनी सीट नहीं बचा पाए… अब इसे हम कितना नंबर बोलेंगे ये आप ही बताइए? नीतीश जी के ही एक मंत्री के छत्रछाया में हुआ। अतः बिहार के लोगों के लिए अब मात्र एक ही विकल्प बचा है, वह है आम आदमी पार्टी।
बिहार की जनता भी देख रही है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने जिस तरह से दिल्ली में कार्य किया है वैसा आजादी के 60 साल बाद तक किसी पार्टी ने नहीं किया है।

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