श्रीदेवी के चले जाने का दुःख होना चाहिए, लेकिन बिहार में बच्चों की मौत पर खामोशी क्यूँ ?

February 28, 2018 by No Comments

हालांकि बात ऐसी है कि कुछ लोग नाराज़ हो सकते हैं लेकिन कहीं ना कहीं ये बात सच भी है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कल एक ट्वीट करके कहा कि जब कोई अमीर मरता है तो उसके लिए सभी लोग ट्वीट करते हैं ग़म मनाते हैं लेकिन जब किसी ग़रीब की मौत होती है तो उसके लिए कोई नहीं रोता।

देखा जाए तो ये बात सच ही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि श्रीदेवी जैसी महान अदाकारा के चले जाने का दुःख होना चाहिए लेकिन बिहार में 9 बच्चों का मारा जाना भी दुःखी करने वाला ही हादसा है, शायद ये उस हादसे से भी बड़ा हादसा है। किसी अमीर इंसान की मौत पर सभी लोग उसकी याद में ट्वीट करते हैं जबकि किसी ग़रीब के मरने का दुःख सिर्फ़ तभी दिखता है जब वो विरोधी सरकार के क्षेत्र की घटना हो। इन अवसरों को भी हमारे राजनेता अपनी राजनीति चमकाने के अवसर की तरह लेते हैं।

बिहार में भाजपा नेता की गाड़ी से 35 बच्चे कुचल गए जिसमें से 10 बच्चों की मौत हो गयी है लेकिन इस घटना पर सोशल मीडिया और सरकार में बैठे लोग उतना नहीं बोल रहे क्यूँकि उन्हें उनसे ख़ास मतलब ही नहीं है। आजकल का समाज ऐसा ही हो गया है, हम बड़े ओहदे के लोगों के लिए ही सम्मान, प्यार और दुःख की भावना रखने लगे हैं जो अपने आप में एक गंभीर बात है। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ख़ामोशी भी चिंता का विषय है। देश के शीर्ष नेतृत्व को इस पर अपना पक्ष रखना ही चाहिए। बात सिर्फ़ एक घटना की नहीं है, घटनाएं जितनी भी होती हैं उनको हम किसी ऐसे तराज़ू पर तोलते हैं जो हमें इंसान के रूप में और कमज़ोर करता है।

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