बिहार में भाजपा गठबंधन राजनीति में फँसी, नहीं मान रहे सहयोगी

October 26, 2018 by No Comments

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ करीब एक घंटा लंबी बैठक की। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने इस दौरान राजनीतिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर आपस में मंत्रणा की।  पार्टी के महासचिव केसी त्यागी ने बताया कि कुछ अंतराल के बाद पीएम से नीतीश कुमार मिले हैं तो स्वाभाविक है कि गवर्नेंस और डेवलपमेंट के मुद्दों पर बात हुई होगी. नीतीश कुमार के एक करीबी नेता के मुताबिक लोकसभा चुनाव में बीजेपी और जेडीयू की साझा रणनीति के स्वरूप पर भी चर्चा हुई .

बता दें कि नीतीश पिछले साल जुलाई में लालू प्रसाद यादव के राजद और कांग्रेस से गठबंधन तोड़कर एनडीए में वापस लौटे थे। लेकिन पिछले दिनों बिहार भाजपा के कुछ नेताओं के राज्य में हुई सामुदायिक वारदातों को लेकर भड़काने वाले बयान देने के चलते दोनों पक्षों में थोड़ी कटुता की स्थिति बन गई थी। आपको बता दें कि मोदी-नीतीश मुलाकात के बाद बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों के बंटवारे का मसला सुलझने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है.

शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बीच मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच लोकसभा में सीटों को लेकर कोई सहमति बनी तो ज़रूर लेकिन बात पूरी तरह से बनती नहीं दिख रही है. बैठक के बाद अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी.

अमित शाह के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बातचीत हो चुकी है. अमित शाह द्वारा की गई घोषणा पर सहमति बन गई है. दोनों पार्टियां बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.आपको बता दें कि बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं. 2014 के चुनाव में 40 सीटों में से 31 पर एनडीए ने सफलता पाई थी जिसमें 22 सीटें बीजेपी, 6 सीटें लोक जनशक्ति पार्टी और 3 राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी को मिली थी. अकेले चुनाव लड़ी जेडीयू को महज 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा था. जहां जदयू और भाजपा दावा कर रहे हैं कि सहमती बन गई है वहीं कई पार्टियाँ अब इससे नाराज़ भी दिख रही हैं.

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