बिहार उपचुनाव: इस चुनावी दंगल में पहली बार अकेले उतरे हैं लालू के लाल, बढ़ा राजनीतिक कद

March 7, 2018 by No Comments

आरजेडी प्रमुख इस वक़्त जेल में हैं और उनके बेटे तेजस्वी यादव के लिए ये कठिन परीक्षा का वक़्त है।  बिहार में उपचुनाव वाले तीनों अररिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र एवं जहानाबाद व भभुआ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए 11 मार्च को वोटिंग होने जा रही है। इन तीन दशकों में ऐसा पहली बार होगा की आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव चुनाव प्रचार का हिस्सा नहीं होंगे। पिछले तीन दशकों में ऐसा कोई चुनाव नहीं निकला जिसमें लालू यादव ने बतौर स्टार प्रचारक शिरकत न की हो।

इस बार के चुनाव में लालू प्रसाद यादव का चुनावी भाषण सुनने का मौका नहीं मिल रहा है। लालू यादव चारा घोटाले और अन्य मामलों के चले जेल में है। जिसके चलते इस चुनाव की सारी जिम्मेदारी इस बार उनके बेटे और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर आ गई है। इन तीन सीटों में से अररिया संसदीय सीट और जहानाबाद विधानसभा सीट को आरजेडी को बचानी हैं। इस सीट पर आरजेडी ने लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में तब चुनाव जीता था, जब पूरे देश में मोदी लहर थी।
लालू यादव के नेतृत्व में सीमांचल के बड़े नेता तस्लीमुद्दीन ने ये सीट बीजेपी की झोली से खींच ली थी। लेकिन तस्लीमुद्दीन की मौत के बाद ही ये सीट खाली हो गई थी। अब 11 मार्च को इस पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। जिसके नतीजे 14 मार्च को आएंगे। वहीँ भभुआ सीट पर बीजेपी और कांग्रेस का सीधा मुकाबला है। तेजस्वी यादव इस वक़्त चुनाव प्रचार के लिए सबसे ज्यादा समय अररिया को ही दे रहे हैं।
अगर सभी सीटों पर महागबंधन को सफलता मिलती है तो तेजस्वी यादव का राजनैतिक कद काफी बढ़ जाएगा। लालू के बिना पहली बार चुनाव लड़ना तेजस्वी के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। वहीं तेजस्वी के विरोधियों ने माना है कि यह उपचुनाव उनके लिए लिटमस टेस्ट है जिस दौरान यह पता चलेगा कि लालू यादव की गैरमौजूदगी में क्या वह पार्टी की नैया पार लगा सकते हैं।

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