बिहार के बाद एक और राज्य में बना महागठबंधन,अब भाजपा का यहाँ भी होगा सफाया

September 30, 2018 by No Comments

हैदराबाद। अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं लेकिन उसके पहले कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं. ऐसे में देश के कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं. अब इन राज्यों में चुनाव की तैयारियाँ भी शुरू हैं. ऐसे में जो पार्टियां अकेले चुनाव लड़ कर जीत हासिल नहीं कर सकतीं वो गठबंधन राजनीति की ओर जा रही हैं.महागठबंधन राजनीति देखा जाए तो बिहार में शुरू हुई थी लेकिन बाद में ये अन्य राज्यों में भी चल निकली. उत्तर प्रदेश एक अहम् राज्य है जहां इस तरह की राजनीति को लोगों ने देखा.

बिहार और उत्तर प्रदेश में कामयाब हुए इस फोर्मुले को अब अलग-अलग राज्यों में अपनाया जा रहा है. तेलंगाना में भी इस फोर्मुले पर कुछ दल काम कर रहे हैं. आपको बता दें कि अधिकतर राज्यों में इस तरह के महागठबंधन भाजपा के ख़िलाफ़ हैं लेकिन तेलंगाना में ये तेलंगाना राष्ट्र समिति के ख़िलाफ़ है. यहाँ पर तेलंगाना राष्ट्र समिति बहुत मज़बूत है और यहाँ किसी भी तरह की जीत तभी मुमकिन है जब कोई महागठबंधन इनके ख़िलाफ़ बने. इस पार्टी को आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता में आने से रोकने के लिए राज्य में कांग्रेस, तेदेपा, भाकपा और टीजेएस (तेलंगाना जन समिति) ने महागठबंधन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

यह जानकारी तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी ने अपनी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की है। उत्तम कुमार रेड्डी के मुताबिक आने वाले दो-तीन दिनों में महागठबंधन की रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फ़िलहाल महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है लेकिन यह काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

जानकार मानते हैं कि तेलंगाना राष्ट्र समिति को आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन का समर्थन हासिल है. ऐसे में उसको अच्छी ख़ासी मज़बूती है. महागठबंधन से जहाँ एक ओर तेलंगाना राष्ट्र समिति को ख़तरा हो सकता है वहीं भाजपा के लिए यहाँ बचा खुचा माल भी बचाना मुश्किल हो जाएगा. इस वजह से महागठबंधन कितना कारगर होगा ये देखने वाली बात होगी. गौरतलब है कि तेलंगाना में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं.

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