दिग्गज नेता ने भाजपा को छोड़ा,कहा-अब कांगेस को मजबूत करना है,इस सीट पर बीजेपी को हो सकता है नुकसान

March 26, 2019 by No Comments

आने वाले लो’कसभा चु’नाव में आलम साल 2014 के लोकसभा चुनाव से बिल्कुल अलग है।उस दौरान देश में एक ही पार्टी का जादू लोगों के सर चढ़कर बोल रहा था।लेकिन बीते सालों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जनता के बीच अपनी मजबूत छवि कायम की है।जिसके चलते पार्टी लगातार अपने जनाधार को मजबूत कर पा रही है।इस वक्त हिमाचल प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है।
खबर के मुताबिक लो’कसभा चु;नाव से पहले पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री पंडित सुखराम और उनके बड़े पोते आश्रय शर्मा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। दिल्ली में इन दोनों नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।माना जा रहा है कि आप श्रेया शर्मा हिमाचल प्रदेश के मंडी लो’कसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं।

PHOTOCREDIT-SOCIAL MEDIA


इस दौरान पंडित सुखराम ने कहा है कि मैंने 2 महीने पहले राहुल गांधी से मुलाकात की थी और मैं उनके काम करने के तरीके से काफी प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि मैंने अपना पूरा जीवन कांग्रेस में गुजारा है।कांग्रेस के साथ हमारे राजनीतिक नहीं बल्कि परिवारिक रिश्ते हैं।मेरे साथ साथ अब मेरा पोता भी कांग्रेस की विकास की राह पर अग्रसर होगा।इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा।पंडित सुखराम का कहना है कि मैं बीजेपी का सदस्य कभी रहा ही नहीं हूं।
आपको बता दें कि पंडित सुखराम और आश्रय शर्मा लो’कसभा टिकट को लेकर कई महीनों से हायतौबा मचा रहे थे।इसी कारण इन दोनों नेताओं ने कई दिनों से दिल्ली में ही डेरा डाल रखा था।बताया जा रहा है कि मंडी लो’कसभा सीट से कांग्रेस के ज्यादातर दिग्गज नेता चुनाव लडऩे के नाम से कन्नी काट रहे थे।इसी मौके की ताक में बैठे पंडित सुखराम ने कांग्रेस का हाथ थाम अपने बड़े पोते को मंडी सीट से टिकट दिलाने की रणनीति पर काम किया।

पंडित सुखराम और आश्रय शर्मा


राजनीतिक सूत्रों की मानें तो बीजेपी नेता अनिल शर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया पिता और बेटे के इस कदम से धर्मसंकट में पड़ गए हैं।साल 2017 के हिमाचल प्रदेश वि;धानसभा चु’नाव के दौरान अनिल शर्मा बीजेपी में शामिल हुए थे।कांग्रेस चाहती है कि अनिल शर्मा दुबारा कांग्रेस में शामिल हो जाएँ। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने पंडित सुखराम के समक्ष अनिल शर्मा की घर वापसी की शर्त रखी है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *