बीजेपी गठबंधन के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार का ऐसा हाल हुआ ..रिजल्ट ने किया हैरान

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है.एनडीए को 273 सीटों पर जीत हासिल हुई है, जिनमें से 255 सीट बीजेपी के हिस्से आए हैं.हालांकि एनडीए के विधायक दल में एक भी मुसलमान शामिल नहीं हैं.मुसलमानों (Muslims) के हित में बड़े फैसले लेने वाली बीजेपी उन्हें टिकट देने के मामले में सबसे पीछे रह जाती है.

इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं.एक टीवी इंटरव्यू में जब अमित शाह (Amit Shah) से ये सवाल पूछा गया था, तब उन्होंने दो टूक जवाब दिया था.उन्होंने कहा था कि वोट कौन देता है, हमें यह भी देखना पड़ता है.

यह एक राजनीतिक शिष्टाचार है और एक पार्टी होने के नाते चुनाव जीतना जरूरी है. 2017 में भी बीजेपी ने मुस्लिमों को टिकट नहीं दिया था और इस बार भी नहीं.हालांकि बीजेपी की अगुआई वाले एनडीए में एक मुस्लिम उम्मीदवार शामिल रहा है.

एनडीए गठबंधन में शामिल अपना दल (सोनेलाल) ने रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट से मुस्लिम को प्रत्याशी बनाया था. सपा नेता आजम खान के गढ़ में एनडीए की ओर से उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है.

एनडीए (NDA) को 273 सीटों पर जीत हासिल हुई है, जिनमें से 255 सीट बीजेपी (BJP) के हिस्से आए हैं. हालांकि एनडीए के विधायक दल में एक भी मुसलमान शामिल नहीं हैं.

मुसलमानों (Muslims) के हित में बड़े फैसले लेने वाली बीजेपी उन्हें टिकट देने के मामले में सबसे पीछे रह जाती है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं.एक टीवी इंटरव्यू में जब अमित शाह (Amit Shah) से ये सवाल पूछा गया था, तब उन्होंने दो टूक जवाब दिया था.

उन्होंने कहा था कि वोट कौन देता है,हमें यह भी देखना पड़ता है.यह एक राजनीतिक शिष्टाचार है और एक पार्टी होने के नाते चुनाव जीतना जरूरी है.2017 में भी बीजेपी ने मुस्लिमों को टिकट नहीं दिया था और इस बार भी नहीं.

हालांकि बीजेपी की अगुआई वाले एनडीए में एक मुस्लिम उम्मीदवार शामिल रहा है.एनडीए गठबंधन में शामिल अपना दल (सोनेलाल) ने रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट से मुस्लिम को प्रत्याशी बनाया था.

सपा नेता आजम खान के गढ़ में एनडीए की ओर से हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां चुनाव लड़े थे.रिपोर्ट्स के अनुसार,2014 के बाद पहली बार बीजेपी गठबंधन से किसी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट मिला था.उनका मुकाबला आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान से था.


एनडीए के मुस्लिम प्रत्याशी का क्या हुआ?

रामपुर जिले की स्वार विधानसभा से चुनाव लड़े एनडीए प्रत्याशी हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां ने आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान को कड़ी टक्कर तो दी,लेकिन हार गए.हमजा मियां ने करीब 30.52 फीसदी वोट हासिल किए, जबकि अब्दुल्ला आजम को 59.19 फीसदी वोट मिले.

कांग्रेस के राम रक्षा पाल सिंह तो यहां खड़े होने लायक भी न रहे. उन्हें महज 0.53 फीसदी वोट मिले.स्वार में सपा की जीत हुई. 126162 वोट पाने वाले अब्दुल्ला आजम ने एनडीए प्रत्याशी हैदर अली खान (65059 वोट) को 61103 वोटों से हरा दिया.

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