सपा-बसपा गठबंधन होते ही भाजपा की सहयोगी पार्टी ने उठाया बड़ा कदम, मोदी-शाह सदमे में

January 13, 2019 by No Comments

दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी यानी मायावती और अखिलेश यादव का गठबंधन हो गया दोस्तों कल इस गठबंधन का ऐलान भी कर दिया गया एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती और अखिलेश ने अपने गठबंधन का ऐलान किया साथी मायावती ने यह भी बताया कि इस गठबंधन से कांग्रेस को बाहर कर दिया गया.
इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि देश में 70 साल से कांग्रेस की सरकार रही है लेकिन हमेशा ही लोगों को इसका अंजाम भुगतना पड़ा कांग्रेस के शासन में कभी कोई खुश नहीं रहा दोस्तों एक तरफ से इस गठबंधन की बात चल रही है दूसरी तरफ इस ऐलान से 1 दिन पहले ही भाजपा के सहयोगी और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा को चेताया है.

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उन्होंने कहा है कि अभी भी वक्त है अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है अगर भाजपा ने मेरी बात नहीं मानी तो उत्तर प्रदेश में भाजपा की डगर आसान नहीं होगी उन्होंने भाजपा के अहंकार में डूबे होने का इल्जाम लगाया और उन्होंने साथ में यह भी कहा कि यह अहंकार भाजपा को ले डूबेगा उनका कहना है कि मैंने भाजपा को उस वक़्त भी समझाया था जब फूलपुर,गोरखपुर और नूरपुर उप-चुनाव हो रहा था तब भी भाजपा ने मेरी बात नहीं मानी थी जिसके बाद उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा था तब भी बीजेपी का अहंकार बहुत ऊपर था.
जिसकी वजह से भारतीय जनता पार्टी की हार हुई और अगर इस बार भी मेरी बात को नहीं माना गया तो फिर भारतीय जनता पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा उन्होंने अमित शाह का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधा और अमित शाह की 50 साल राज करने के बयान पर कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और जनता जिसको एक बार उलट देती है.

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वह दोबारा वापस नहीं आ पाता जब ओमप्रकाश राजभर से सपा बसपा गठबंधन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि जब दो दिल मिलते हैं तो जुबां चुप रहती है लेकिन बात होती है उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अभी भी वक्त है अगर उन्होंने मेरी ओबीसी कोटे की सीटो के बटवारे की मांग को मान लिया तो उत्तर प्रदेश में कांटे की टक्कर हो सकती है वरना उत्तर प्रदेश में भाजपा का जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि मैंने उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीट पर सर्वे करवाया है जिसमें यह बात निकलकर सामने आई है कि हर एक सीट में 5 से 7 लाख अति पिछड़े वोट हैं ऐसे में ओबीसी सीटों के बंटवारे फायदेमंद साबित हो सकते हैं दोस्तों आपको बता दें कि समाजवादी की मऊ में जनसभा थी.

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जिसमें अखिलेश यादव ने ओमप्रकाश राजभर की तारीफ की थी उन्होंने कहा था कि वह एक अकेले नेता है जो सच बोलते हैं इस पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने सच फरमाया है और पूरे देश में इस बात की चर्चा है कि मैं सरकार में रह कर पिछड़े वर्ग के बारे में सोचता हूं.

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