BJP को उसके गढ़ में परास्त करने के लिए इस युवा पर कांग्रेस लगा सकती है दावं

February 6, 2019 by No Comments

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामने वाले देवाशीष जरारिया पर कांग्रेस बड़ा दांव लगा सकती है।विधानसभा चुनाव वाला जादू लोकसभा में चलाने के मकसद से कांग्रेस ऐसे उम्मीदवारों की तलाश में है जो जिताऊ हो छवि बेदाग हो इस कड़ी में कांग्रेस युवाओं पर भरोसा जता रही है।इस कड़ी में कांग्रेस देवाशीष जरारिया को आगामी लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के रूप में भिंड दतिया लोकसभा से प्रत्याशी बना सकती है.
देवाशीष सोशल मीडिया और न्यूज़ डिबेट्स का जाना माना चेहरा हैवह मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता भी हैं।वे मूल रूप से ग्वालियर के रहने वाले देवाशीष अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं और लंबे समय से दलित राजनीति में सक्रिय रहे हैं।देवाशीष ने अपनी प्रारंभिक स्कूल शिक्षा ग्वालियर से की तत्पश्चात ग्रेजुएशन के लिए भोपाल गए वह कंप्यूटर साइंस ब्रांच से इंजीनियरिंग किए हुए हैं.

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देवाशीष अनुसूचित जाति की जाटव जाति से ताल्लुक रखते हैं भिंड दतिया लोकसभा आरक्षित सीट है जहां पर जाटव मतदाता सबसे अधिक है। यहां जाटव मतदाताओं की संख्या लगभग 4लाख है और उसमें युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है ऐसे में देवाशीष युवा होने के साथ-साथ जातिगत समीकरण में भी फिट बैठते हैं.
देवाशीश जरारिया राष्ट्रीय मीडिया डिबेट्स में जाना पहचाना चेहरा है उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी दोनों में लगभग 600 से ज्यादा टीवी डिबेट कि हैं इसलिए हर घर तक उनकी पहुंच है इसके साथ ही देवाशीष दलित आंदोलन में भी बहुत सक्रिय भूमिका में रहे हैं देश के जाने-माने दलित युवा चेहरों में उनकी गिनती होती है.

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मध्य प्रदेश जहां अनुसूचित जाति वर्ग की 16% जनसंख्या है वहां देवाशीष की छवि इस वर्ग के वोटर को आकर्षित करने के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है। इसके अलावा बसपा में सक्रिय रहने के कारण उनकी छवि को उत्तर प्रदेश में भी भुनाया जा सकता है जहां महागठबंधन में अलग-थलग पड़ी कॉन्ग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ने जा रही है ऐसे में अगर देवाशीष को कांग्रेस आगे बढ़ाती है तो उसका फायदा मध्यप्रदेश में ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस को मिल सकता है.
टीवी डिबेट्स में दमदारी से पार्टी का पक्ष रखते हुए बसपा का चेहरा बन चुके देवाशीष उस वक्त मीडिया सुर्खियों में आए जब उन्होंने बसपा यूतयः नामक एक अनाधिकारक संगठन बना 700000 युवा जोड़ दिए थे जिससे नाराज होकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने उनके संगठन को फर्जी बताया था और देवाशीष को बहुजन समाज पार्टी से अलग कर दिया था तब यह मामला राष्ट्रीय अखबारों की सुर्खियां बना था.

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मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान देवाशीष जरारिया को कांग्रेस ने 20 विधानसभा सीटों पर जिम्मेदारी दी थी यह मुख्यतः ग्वालियर चंबल का क्षेत्र था,देवाशीष को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह बसपा के प्रभाव को कम करें और दलित मतदाताओं को कांग्रेस की तरफ जोड़ें देवाशीष ने इस जिम्मेदारी को भरपूर तरीके से निभाया और उनकी जिम्मेवारी में दी हुई 20 में से 16 सीटों पर कांग्रेस को विजय मिली.
उल्लेखनीय है कि मुरैना जिले में जहां बसपा का 31 परसेंट वोट 2013 में था वह घटकर इस बार महज 19% ही रह गया।जो कि सीधे कांग्रेस को ट्रांसफर हुआ और कांग्रेस ने इस क्षेत्र से बंपर सीटें जीती। मीडिया ने भी तब देवाशीष को मध्यप्रदेश का जिग्नेश मेवानी कहा था.भिंड दतिया लोकसभा सीट पर कांग्रेस के पास जिताऊ चेहरे की कमी थी जो देवाशीष के सामने आने से पूरी होते हुई दिख रही है कांग्रेस इस समय युवाओं पर अपना अधिक ध्यान दे रही है इसी के तहत पिछले विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने युवाओं को आगे बढ़ाने का काम किया था। राहुल गांधी अपनी नई टीम पर काम कर रहे है और उनके प्लान में देवाशीष फिट होते हुए दिख रहे है.

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जब इस बारे में देवाशीष जरारिया से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का जिम्मेदार कार्यकर्ता हूँ,पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी मैं उसका पूर्ण ईमानदारी से निर्वाहन करूँगा।मेरा यही प्रयास है कि राहुल जी की सोच को देश के हर वोटर तक पहुँचा सके। और आगामी लोकसभा चुनावों में संविधान विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेक कर कांग्रेस की सरकार केंद्र में राहुल जी के नेतृत्व में बने.

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