भाजपा नेता ने अपनी ही सरकार को घेरा-मोदी ने ग़रीबी देखी है तो क्या अरुण जेटली सबको ग़रीबी दिखाएँगे

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेता यशवंत सिन्हा ने अपनी पार्टी की सरकार की कई मुद्दों पर आलोचना की है. पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अंग्रेज़ी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में लिखा है कि नोटबंदी एक “निरंतर आर्थिक आपदा” साबित हुई है. उन्होंने सेवा और माल कर के लागू करने के तरीक़ों की भी तीख़ी आलोचना की है.

उन्होंने कहा कि जो अर्थव्यवस्था की हालत वित्त मंत्री ने बना दी है अगर मैं आज भी उसके ख़िलाफ़ नहीं बोलूँगा तो राष्ट्रीय कर्तव्य में असफ़ल रहूँगा.

सिन्हा ने कहा कि अर्थव्यवस्था नीचे की तरफ़ जा रही और कई भाजपा नेता इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाने से डर रहे हैं. उन्होंने कहा,”अरुण जेटली को इस सरकार में सबसे अच्छा और प्रतिभाशाली माना जाता है. यह 2014 के चुनावों से पहले एक पूर्ववर्ती निष्कर्ष था कि वह नई सरकार में वित्त मंत्री होंगे”

सिन्हा ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें भाजपा अध्यक्ष ने जीडीपी का स्लो होना “तकनीकी” कारणों की वजह से बताया था.

यशवंत सिन्हा ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट और सीबीआई द्वारा डाली गयी रेड की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जब हम विपक्ष में थे तो रेड राज का विरोध करते थे लेकिन आजकल तो ये आम हो गया है. उन्होंने किसानों को “बड़े” क़र्ज़ माफ़ी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसानों के क़र्ज़ एक पैसे से लेकर कुछ रूपये तक माफ़ हुए हैं.

क़द्दावर नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि उन्होंने ग़रीबी बहुत क़रीब से देखी है. उनके वित्त मंत्री ओवर टाइम करके ये तय करना चाहते हैं कि सारे भारतीय ग़रीबी को क़रीब से देखें.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ट कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने यशवंत सिन्हा के लेख का समर्थन किया है. चिदंबरम ने कहा कि सत्ता कुछ भी कर ले सच क़ायम रहता है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की नोटबंदी, किसानों के क़र्ज़ माफ़ी और माल और सेवा कर लागू करने की आलोचना हो रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.